हरियाणा में कंप्रेस्ड बायो गैस क्रांति: सरकार देगी बंपर वित्तीय सहायता और पूरे 30 साल के लिए पट्टे पर मिलेगी जमीन
हरियाणा के औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक बेहद क्रांतिकारी कदम उठाया है। प्रदेश में पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा स्रोतों के उत्पादन को तेज करने के लिए हरियाणा सरकार ने कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) नीति का नया मसौदा पूरी तरह से तैयार कर लिया है। इस नई नीति के तहत सरकार बायो गैस प्लांट लगाने वाले निवेशकों और उद्यमियों को आकर्षक वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, साथ ही कारोबारियों को उनकी परियोजना के लिए पूरे 30 साल की लंबी अवधि के लिए जमीन लीज (पट्टे) पर उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल से न केवल राज्य में प्रदूषण की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।
निवेशकों के लिए क्या खास है नई सीबीजी (CBG) नीति में और कैसे मिलेगा फायदा?
हरियाणा सरकार द्वारा तैयार किए गए इस नए मसौदे का मुख्य उद्देश्य धान के अवशेषों (पराली) और अन्य जैविक कचरे का सही उपयोग कर उससे क्लीन एनर्जी का उत्पादन करना है। जो उद्यमी या कंपनियां राज्य में कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट स्थापित करना चाहती हैं, उन्हें सरकार की तरफ से कैपिटल सब्सिडी और अन्य वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाएंगे। इसके अलावा, जमीन की उपलब्धता को आसान बनाने के लिए ग्राम पंचायत या सरकारी भूमि को 30 साल की लंबी लीज पर देने का प्रावधान किया गया है, जिससे निवेशकों को लंबे समय तक भूमि की चिंता किए बिना अपने प्रोजेक्ट को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी।
पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
इस नीति के लागू होने से हरियाणा के किसानों और ग्रामीण इलाकों की अर्थव्यवस्था पर बहुत सकारात्मक असर पड़ेगा। किसान जो अपनी पराली या कृषि कचरे को जलाने के लिए मजबूर होते थे, अब वे इसे सीबीजी प्लांटों को बेचकर अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर सकेंगे। जानकारों का मानना है कि यह नीति केंद्र और राज्य सरकार के उस विजन का हिस्सा है जिसके तहत देश को जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करके हरित और स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेजी से अग्रसर करना है। आने वाले दिनों में इस नीति के औपचारिक रूप से लागू होने के बाद हरियाणा में ग्रीन एनर्जी सेक्टर में भारी-भरकम निवेश आने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।