करनाल में बड़ा सियासी उलटफेर: बीजेपी जिला परिषद अध्यक्ष प्रवेश कुमारी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास
हरियाणा के करनाल जिले की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जिला परिषद अध्यक्ष प्रवेश कुमारी के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित हो गया है। अध्यक्ष पद को लेकर पिछले काफी समय से भीतरखाने चल रही खींचतान आखिरकार आज सतह पर आ गई और पार्षदों की खुली बगावत ने भाजपा को बड़ा झटका दिया है। जिला परिषद सभागार में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान विपक्षी और बागी पार्षदों ने एकजुट होकर अपनी ताकत दिखाई, जिसके परिणामस्वरूप अध्यक्ष की कुर्सी छिन गई। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद से पूरे जिले की सियासत गरमा गई है और आगामी राजनीतिक भविष्य को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है।
17 पार्षदों की एकजुटता से पास हुआ अविश्वास प्रस्ताव
जिला परिषद के भीतर अध्यक्ष के खिलाफ लाए गए इस अविश्वास प्रस्ताव पर जब वोटिंग की प्रक्रिया पूरी हुई, तो आंकड़े हैरान करने वाले रहे। कुल 17 पार्षदों ने प्रवेश कुमारी के खिलाफ मतदान करते हुए उनके नेतृत्व पर अविश्वास जताया। जानकारों का कहना है कि लंबे समय से विकास कार्यों में अनदेखी और आंतरिक कलह के आरोप जिला परिषद के सदस्यों द्वारा लगाए जा रहे थे, जो आखिरकार इस बड़े राजनीतिक विद्रोह के रूप में बाहर आए। इतने भारी समर्थन के साथ प्रस्ताव के पास होने से यह साफ हो गया कि अधिकांश पार्षदों का मौजूदा अध्यक्ष से मोहभंग हो चुका था, जिसके चलते उन्हें अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी।
भाजपा के लिए स्थानीय निकाय स्तर पर बड़ा झटका
प्रदेश में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी के लिए करनाल में जिला परिषद अध्यक्ष का पद इस तरह से छिन जाना एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। स्थानीय निकाय चुनावों के लिहाज से इसे पार्टी के भीतर समन्वय की कमी के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा भी तेज हो गई है कि अब जिला परिषद के नए अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाने के लिए जोड़-तोड़ और राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू होगा। विपक्षी दल इस मौके को भुनाने में जुट गए हैं, जबकि स्थानीय भाजपा संगठन इस पूरे घटनाक्रम के बाद आंतरिक समीक्षा करने में व्यस्त हो गया है।