हरियाणा की महिलाओं को बड़ा तोहफा: दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना की 10वीं किस्त जारी, सीएम नायब सैनी ने बांटे पैसे
हरियाणा की महिलाओं के लिए एक बेहद खुशी और उत्साह भरी खबर सामने आई है, जहां राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण और वित्तीय सहायता की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 'दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना' की 10वीं किस्त के तहत सीधे तौर पर पात्र लाभार्थियों के खातों में राशि का सफल डिजिटल वितरण कर दिया है। सरकार के इस महत्वाकांक्षी कदम से प्रदेश की लाखों महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिलने के साथ-साथ उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में भी बड़ी मदद मिल रही है, जिससे पूरे राज्य में खुशी की लहर दौड़ गई है और सरकार के इस फैसले की चहुंओर सराहना हो रही है।
महिलाओं के बैंक खातों में पहुंची 10वीं किस्त, सीएम सैनी ने खुद संभाली कमान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक विशेष कार्यक्रम के दौरान दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना की दसवीं किस्त का ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से लाभ वितरण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इस योजना के जरिए महिलाओं को सीधे आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है ताकि वे समाज में और अधिक आत्मनिर्भर बन सकें। इस योजना के तहत मिलने वाली इस नियमित वित्तीय सहायता से महिलाओं को अपनी छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है, जिससे उनके आत्मविश्वास में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
हरियाणा में महिला सशक्तिकरण की ओर बढ़ता एक और मजबूत कदम
हरियाणा सरकार की दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू से ही अपने प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शी व्यवस्था के कारण सुर्खियों में रही है, और समय पर इसकी किस्तों का जारी होना यह साबित करता है कि सरकार अपने वादों को पूरा करने के लिए कितनी संजीदा है। योजना के लाभार्थियों ने इस सौगात के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया है, क्योंकि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से बिना किसी बिचौलिए के सीधे पैसे उनके बैंक खातों में पहुंच रहे हैं। राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में भी इस बात की चर्चा है कि इस तरह की जनहितकारी योजनाएं आने वाले समय में महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सरकार की लोकप्रियता को और अधिक मजबूत करेंगी।