IIT इंजीनियर से IPS बने दीपक गहलावत का बड़ा पतन, देश के लिए जीता था मेडल, अब CBI ने रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा
एक बेहद चौंकाने वाले और हाई-प्रोफाइल मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने देश के एक नामचीन पुलिस अफसर को घूसखोरी के संगीन आरोपों में गिरफ्तार किया है। कभी अपनी कुशाग्र बुद्धि और देश के लिए गौरव हासिल करने वाले आईआईटी (IIT) इंजीनियर से आईपीएस (IPS) बने दीपक गहलावत अब कानून के शिकंजे में हैं। सीबीआई की इस बड़ी और अचानक हुई कार्रवाई के बाद पूरे प्रशासनिक अमले और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जिस अधिकारी को युवा अपना रोल मॉडल मानते थे, उनका नाम इस तरह भ्रष्टाचार के दलदल में सामने आने से हर कोई हैरान है।
शानदार करियर और मेडल जीतने वाले जांबाज अफसर का सफर
आईपीएस दीपक गहलावत का करियर अब तक बेहद शानदार और प्रेरणादायक रहा था। प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने देश की सबसे कठिन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास की और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चुने गए। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी उत्कृष्ट सेवाओं और जांबाजी के लिए देश के स्तर पर बड़ा मेडल भी अपने नाम किया था। उनकी इस कामयाबी की वजह से वे सोशल मीडिया और स्थानीय युवाओं के बीच एक बड़ी मिसाल माने जाते थे, लेकिन इस एक केस ने उनकी पूरी छवि को धूमिल कर दिया है।
सीबीआई का बड़ा जाल और भारी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तारी का पूरा एक्शन
सीबीआई को पिछले काफी समय से दीपक गहलावत के खिलाफ एक मामले को रफा-दफा करने और एक आरोपी को राहत देने के एवज में भारी रकम मांगे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस इनपुट के आधार पर बेहद गोपनीय तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही रिश्वत की रकम का लेन-देन तय पते पर हुआ, सीबीआई की एंटी-करप्शन विंग ने छापेमारी कर आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मौके से जुड़े कुछ अन्य बिचौलियों और संदिग्धों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक हलचल और विभागीय जांच के कड़े आदेश
दीपक गहलावत की इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद उनके तैनाती वाले राज्य और स्थानीय क्षेत्रों में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। जांच एजेंसियां अब अधिकारी के ठिकानों, घर और दफ्तरों पर एक साथ छापेमारी कर रही हैं ताकि आय से अधिक संपत्ति और इस रैकेट से जुड़े अन्य सुरागों का पता लगाया जा सके। स्थानीय प्रशासन और गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत इस मामले में बेहद सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही उन्हें सस्पेंड भी किया जा सकता है।