फतेहाबाद में एसीबी का बड़ा एक्शन: देश के टॉप-3 में शामिल भट्टू थाने का एसआई 20 हजार की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

फतेहाबाद में एसीबी का बड़ा एक्शन: देश के टॉप-3 में शामिल भट्टू थाने का एसआई 20 हजार की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

हरियाणा के प्रशासनिक और पुलिस महकमे से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी सफलता हासिल की है. राज्य में कानून व्यवस्था और थानों की कार्यशैली को सुधारने के लिए भले ही बड़े-बड़े दावे किए जाते हों, लेकिन जमीनी हकीकत की पोल उस वक्त खुल गई जब एक प्रतिष्ठित थाने के जिम्मेदार अधिकारी को ही घूसखोरी के आरोप में धर दबोचा गया. खास बात यह है कि जिस थाने के एसआई को एसीबी ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, वह थाना अपनी बेहतरीन कार्यप्रणाली के चलते कभी देश के टॉप-3 थानों में शुमार रह चुका है. इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और आम जनता के बीच इस बात की चर्चा जोरों पर है कि जब नामी थानों के मुखिया ही ऐसा करेंगे तो आम आदमी की सुनवाई कहां होगी.

20 हजार रुपये की रिश्वत लेते वक्त एसीबी ने बिछाया जाल

भ्रष्टाचार के इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित नागरिक ने इसकी शिकायत सीधे एंटी करप्शन ब्यूरो से की. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, फतेहाबाद जिले के भट्टू कलां थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर (एसआई) द्वारा किसी मामले को रफा-दफा करने या राहत देने के एवज में अवैध रूप से पैसों की मांग की जा रही थी. आरोपी अधिकारी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत के तौर पर 20 हजार रुपये तय किए थे. पीड़ित पक्ष रिश्वत देने के बजाय न्याय की आस में एसीबी की शरण में पहुंच गया. शिकायत के प्राथमिक सत्यापन के बाद एसीबी की टीम ने पूरी मुस्तैदी से योजना बनाई और थाने के नजदीक ही एक पुख्ता ट्रैप लगाया. जैसे ही आरोपी एसआई ने शिकायतकर्ता से रिश्वत के 20 हजार रुपये अपने हाथ में लिए, एसीबी की टीम ने बिना वक्त गंवाए उसे मौके पर ही दबोच लिया.

देश के टॉप थानों में शुमार भट्टू थाने की साख पर लगा दाग

यह पूरा मामला इसलिए भी बेहद चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि भट्टू कलां थाना कभी अपनी उत्कृष्ट सेवाओं और प्रशासनिक दक्षता के लिए देश के शीर्ष तीन थानों की सूची में शामिल रह चुका है. ऐसे प्रतिष्ठित और मॉडल थाने की कमान संभालने वाले अधिकारी द्वारा इस तरह रिश्वतखोरी के दलदल में फंसना पुलिस विभाग की साख पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है. एसीबी की इस कार्रवाई के बाद से आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की गहन कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. जांच एजेंसी अब यह भी खंगाल रही है कि इस थाने में पहले भी इस तरह के अवैध लेन-देन किए गए हैं या नहीं. इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कानून के हाथ सबसे लंबे हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर बिना किसी भेदभाव के काम किया जा रहा है.

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