अंबाला को मिलेगी जलभराव से मुक्ति! आईआईटी रुड़की तैयार कर रहा है शहर का नया हाई-टेक ड्रेनेज प्लान

अंबाला को मिलेगी जलभराव से मुक्ति! आईआईटी रुड़की तैयार कर रहा है शहर का नया हाई-टेक ड्रेनेज प्लान

अंबाला शहर और छावनी क्षेत्र के निवासियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। हर साल मानसून के सीजन में जलभराव और बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति से जूझने वाले अंबाला को इस समस्या से हमेशा के लिए निजात मिलने वाली है। देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी रुड़की (IIT Roorkee) ने अंबाला के ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह से बदलने और इसका एक आधुनिक मास्टर प्लान तैयार करने का जिम्मा संभाला है।

आईआईटी रुड़की की टीम करेगी जमीनी सर्वे

अंबाला के भौगोलिक ढांचे और पानी की निकासी के रास्तों को समझने के लिए आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों की एक विशेष टीम अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा ले रही है। इस ड्रेनेज प्लान के तहत शहर के उन सभी हॉटस्पॉट्स को चिन्हित किया जा रहा है, जहां मामूली बारिश के बाद भी कई फीट पानी जमा हो जाता है। टीम सैटेलाइट डेटा और ग्राउंड लेवल सर्वे के जरिए पानी के प्राकृतिक बहाव का रास्ता तैयार करेगी ताकि बारिश का पानी बिना रुके सीधे मुख्य नालों और नदियों तक पहुंच सके।

पुराने और बंद पड़े ड्रेनेज सिस्टम का होगा कायाकल्प

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, अंबाला का मौजूदा ड्रेनेज सिस्टम काफी पुराना हो चुका है और बढ़ती आबादी के कारण इस पर दबाव बेहद ज्यादा है। आईआईटी रुड़की द्वारा तैयार किए जा रहे इस नए ब्लूप्रिंट में न केवल नए और चौड़े नाले बनाने का प्रस्ताव शामिल होगा, बल्कि शहर के मौजूदा ड्रेनेज नेटवर्क को भी अपग्रेड किया जाएगा। इसके साथ ही, नदियों और नहरों के बैकफ्लो को रोकने के लिए आधुनिक फ्लड गेट्स और पम्पिंग स्टेशन्स की क्षमता बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है।

स्थानीय जनता और व्यापारियों को मिलेगी बड़ी राहत

अंबाला में जलभराव के कारण हर साल न केवल आम जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, बल्कि यहां के प्रसिद्ध कपड़ा बाजार और अन्य व्यापारिक क्षेत्रों को भी करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। इस ड्रेनेज प्रोजेक्ट के लागू होने के बाद शहर को जलभराव से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी, जिससे स्थानीय बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और मानसून के दौरान जनजीवन पूरी तरह सामान्य बना रहेगा।

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