GST on Tobacco : अब और महंगे होंगे पान मसाला, सिगरेट और तंबाकू, सरकार लगा रही 40% से भी ज्यादा टैक्स!

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News India Live, Digital Desk: GST on Tobacco : अगर आप पान मसाला, सिगरेट या तंबाकू जैसे उत्पादों का सेवन करते हैं, तो आपकी जेब पर बोझ और भी ज्यादा बढ़ने वाला है. सरकार इन 'सिन गुड्स' (Sin Goods) यानी नुकसानदायक वस्तुओं पर अब तक का सबसे बड़ा टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है. एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, इन उत्पादों पर मौजूदा 28% जीएसटी और कंपनसेशन सेस के अलावा अब अतिरिक्त शुल्क भी लगाया जाएगा, जिससे कुल टैक्स की दर 40% से भी काफी ऊपर जा सकती है.

क्यों बढ़ रहा है टैक्स?

इस बड़े बदलाव के पीछे की वजह राज्यों को मिलने वाले GST मुआवज़े (Compensation) का बंद होना है. जब 2017 में जीएसटी लागू किया गया था, तो केंद्र सरकार ने राज्यों से वादा किया था कि उन्हें होने वाले किसी भी राजस्व नुकसान की भरपाई अगले पांच सालों तक की जाएगी. इस भरपाई के लिए पैसा इकट्ठा करने के लिए सिगरेट, तंबाकू और पान मसाला जैसी चीज़ों पर एक कंपनसेशन सेस लगाया गया था.

अब यह मुआवज़े की अवधि खत्म हो रही है. ऐसे में, केंद्र सरकार राज्यों के राजस्व को बनाए रखने के लिए एक नया रास्ता निकाल रही है. योजना यह है कि कंपनसेशन सेस को खत्म करके उसकी जगह एक नया "अतिरिक्त शुल्क" (Additional Duty) लगा दिया जाए.

कितना महंगा हो जाएगा सब कुछ?

अभी इन उत्पादों पर 28% की सबसे ऊंची GST दर लगती है. इसके ऊपर कंपनसेशन सेस भी लगता है. अब जो नया अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव है, वह या तो सामान की कीमत के आधार पर (ad-valorem) या फिर एक निश्चित रकम (specific duty) के रूप में होगा.

सूत्रों के मुताबिक, इस नए शुल्क को लगाने के लिए जीएसटी कानून में भी बदलाव किया जाएगा. इसका सीधा सा मतलब यह है कि सरकार के पास इन उत्पादों पर 40% से भी ज़्यादा टैक्स वसूलने का अधिकार होगा. इससे इन सभी चीज़ों की खुदरा कीमतों में भारी बढ़ोतरी होना तय है.

सरकार के इस कदम के पीछे दो बड़े मकसद हैं. पहला, राज्यों के लिए राजस्व का एक स्थायी स्रोत सुनिश्चित करना. और दूसरा, इन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वस्तुओं को इतना महंगा कर देना कि लोग इनका इस्तेमाल करने से बचें. यानी एक तीर से दो निशाने साधने की तैयारी है.