पंजाब वालों के लिए बड़ी खुशखबरी सालों से लटके कादियान ब्यास रेल लाइन प्रोजेक्ट को आखिरकार मिली संजीवनी

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News India Live, Digital Desk : हम सभी जानते हैं कि जब कोई सरकारी प्रोजेक्ट फाइलों में अटक जाता है या उस पर रोक लग जाती है, तो आम जनता को कितनी परेशानी होती है। सालों साल इंतजार करने के बाद भी जब पटरियां नहीं बिछतीं, तो उम्मीदें टूटने लगती हैं।

लेकिन, आज पंजाब के लिए, और खास तौर पर गुरदासपुर और अमृतसर जिले के लोगों के लिए एक बहुत बड़ी राहत वाली खबर आई है। जिस कादियान-ब्यास रेल लिंक (Qadian-Beas Rail Link) प्रोजेक्ट को हम सब ठंडे बस्ते में पड़ा मान चुके थे, उसे केंद्र सरकार ने फिर से जिंदा कर दिया है।

केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) ने खुद यह ऐलान किया है कि रेलवे बोर्ड ने इस प्रोजेक्ट पर लगी रोक (Unfrozen) को हटा दिया है। आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि यह प्रोजेक्ट आपके लिए क्यों इतना अहम है।

सालों पुराना सपना अब होगा पूरा

यह मांग कोई नई नहीं है। पिछले कई सालों से माझा (कादियान, बटाला, गुरदासपुर) के लोग यह मांग कर रहे थे कि उनके इलाके को सीधा ब्यास से जोड़ दिया जाए। अभी तक वहां जाने के लिए या तो बस के धक्के खाने पड़ते थे या फिर लंबा घूमकर जाना पड़ता था।

रवनीत बिट्टू ने जानकारी दी है कि रेलवे बोर्ड ने इस प्रोजेक्ट पर दोबारा काम शुरू करने की मंजूरी दे दी है। मतलब साफ़ है कि अब फाइलों से धूल हटाई जाएगी और जमीन पर काम शुरू होगा।

धार्मिक और सामाजिक जुड़ाव

दोस्तों, यह रेल लाइन सिर्फ लोहे की पटरियां नहीं, बल्कि भावनाओं को जोड़ने वाली कड़ी है।

  1. राधा स्वामी सत्संग ब्यास (Dera Beas): हम सब जानते हैं कि ब्यास में राधा स्वामी डेरा है, जहां लाखों की संगत हर साल आती है। कादियान और आसपास के संगत के लिए अब वहां पहुंचना बहुत आसान हो जाएगा।
  2. कादियान (अहमदिया समुदाय): कादियान पूरी दुनिया में अहमदिया समुदाय का पवित्र स्थल है। इस रेल लिंक के बनने से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।

फायदा क्या होगा?

अगर यह करीब 40 किलोमीटर का टुकड़ा जुड़ जाता है, तो इसके बहुत फायदे होंगे:

  • अमृतसर और पठानकोट रूट के बीच एक नया विकल्प मिलेगा।
  • दिल्ली या जलंधर जाने के लिए बटाला/गुरदासपुर वालों को अब अमृतसर जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी, वे सीधा ब्यास से होकर निकल सकेंगे।
  • व्यापार और ट्रांसपोर्ट का खर्चा भी बचेगा।

अभी आगे क्या?

हालांकि अभी काम शुरू होने में थोड़ा वक्त लग सकता है क्योंकि जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) जैसी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। लेकिन सबसे बड़ी खुशी की बात यह है कि केंद्र सरकार ने 'स्टॉप' का बटन हटाकर 'प्ले' का बटन दबा दिया है।

रवनीत बिट्टू के इस ऐलान के बाद बटाला, कादियान और ब्यास के लोगों में खुशी की लहर है। उम्मीद करते हैं कि जल्दी ही हमें इन पटरियों पर ट्रेन छुक-छुक करती हुई दिखाई देगी।