सोना पहुंचा रिकॉर्ड स्तर पर! रूस से तनाव और अमेरिकी फैसलों से और बढ़ेंगे दाम?
अगर आप सोने की कीमतों पर नजर रखते हैं, तो आपने देखा होगा कि सोना इस समय आसमान छू रहा है। कीमतें अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे निवेशक और आम खरीदार दोनों के मन में यह सवाल है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है और आगे क्या होगा?
सोने की इस रिकॉर्ड तोड़ तेजी के पीछे दो बड़ी वजहें काम कर रही हैं।
1. रूस के साथ बढ़ता अंतरराष्ट्रीय तनाव
जब भी दुनिया में कहीं भी युद्ध या कोई बड़ा भू-राजनीतिक तनाव होता है, तो निवेशक घबरा जाते हैं। वे शेयर बाजार जैसी जोखिम भरी जगहों से डर जाते हैं और अपना पैसा किसी "सुरक्षित" जगह पर निवेश करना चाहते हैं। ऐसी स्थिति में सोने को हमेशा सबसे विश्वसनीय "सुरक्षित ठिकाना" माना जाता रहा है।
हाल ही में रूस को लेकर जो अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ा है, उससे बाजार में एक डर का माहौल बन गया है। इसी डर के कारण दुनिया भर के लोग और सेंट्रल बैंक सोने की जमकर खरीदारी कर रहे हैं, जिससे इसकी मांग बढ़ी है और कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं।
2. अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख
अमेरिकी फेडरल रिजर्व (यूएस फेड) यानी अमेरिका के केंद्रीय बैंक के फैसलों का भी सोने की कीमत पर सीधा असर पड़ता है। जब फेड ब्याज दरों को लेकर कोई संकेत देता है, तो इससे डॉलर की मजबूती या कमजोरी तय होती है। फिलहाल बाजार को उम्मीद है कि अमेरिकी फेड ब्याज दरों में और कटौती कर सकता है। जब ब्याज दरें घटती हैं, तो डॉलर थोड़ा कमजोर होता है और ऐसे में सोने में निवेश करना ज्यादा फायदेमंद हो जाता है। इसी उम्मीद में निवेशक सोने की ओर आकर्षित होते हैं।
आगे क्या हो सकता है?
बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक दुनिया में यह तनाव की स्थिति बनी रहेगी और अमेरिकी फेड के रुख में कोई बड़ा बदलाव नहीं आता, तब तक सोने की कीमतों में तेजी बनी रह सकती है। हालांकि, सोने में निवेश हमेशा बाजार के जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए कोई भी फैसला लेने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना समझदारी है।