Gold Price Crash: क्या ₹1 लाख से नीचे आ जाएगा सोना? रूस की एक चाल और 'डॉलर' की वापसी से सोने के भाव में आ सकती है ऐतिहासिक गिरावट
लखनऊ। सोने में निवेश करने वालों और शादी-ब्याह के लिए गहने खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बाजार विशेषज्ञों ने संकेत दिए हैं कि जो सोना कुछ समय पहले तक ₹2 लाख के करीब पहुंचने की तैयारी में था, वह अब धड़ाम होकर ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर से भी नीचे गिर सकता है। वैश्विक राजनीति में आ रहे बड़े बदलावों और रूस की नई आर्थिक रणनीति ने सोने की चमक को फीका करना शुरू कर दिया है।
ऊंचाई से गिरा सोना: बाजार का वर्तमान हाल
वर्ष 2025 सोने के लिए 'गोल्डन ईयर' साबित हुआ था, जब कीमतों ने रिकॉर्ड तोड़ते हुए जनवरी 2026 में ₹1,93,000 प्रति 10 ग्राम का शिखर छुआ था। लेकिन हालिया आंकड़ों ने सबको हैरान कर दिया है:
MCX अपडेट: सोना अपने उच्चतम स्तर से लगभग 13.50% (करीब ₹24,500) टूटकर ₹1,56,200 के स्तर पर आ गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार: कॉमेक्स (Comex) पर भी सोने की कीमतों में 10.50% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
रूस का 'U-Turn' और डॉलर का दबदबा: क्यों गिर रहे हैं दाम?
सोने की कीमतों में इस संभावित क्रैश के पीछे सबसे बड़ा कारण रूस का अमेरिका की ओर बढ़ता झुकाव माना जा रहा है।
डॉलर की वापसी: ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस अब ब्रिक्स (BRICS) देशों की 'डी-डॉलराइजेशन' (डॉलर मुक्त व्यापार) मुहिम को छोड़कर फिर से डॉलर आधारित व्यापार की ओर लौटने पर विचार कर रहा है।
मांग में कमी: अब तक रूस और अन्य देश डॉलर के विकल्प के तौर पर सोना जमा कर रहे थे। यदि रूस फिर से डॉलर अपनाता है, तो सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की वैश्विक मांग में भारी कमी आएगी।
केंद्रीय बैंकों की रणनीति: डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ युद्ध के डर से दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने जो सोना खरीदा था, वे अब उसे खुले बाजार में बेच सकते हैं, जिससे बाजार में सोने की बाढ़ (Over-supply) आ जाएगी।
2027 तक का अनुमान: ₹90,000 के स्तर पर आ सकता है सोना
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि भारत में सोने की कीमतों का 'पीक' निकल चुका है। आने वाले समय में निवेशकों को बड़े सुधार (Correction) के लिए तैयार रहना चाहिए:
कीमतों का लक्ष्य: विशेषज्ञों के अनुसार, साल 2027 के अंत तक भारत में 10 ग्राम सोने का भाव ₹90,000 से ₹1,00,000 के बीच आ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर: वैश्विक बाजार में सोना गिरकर 3,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छू सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह: यह गिरावट एक सीधी लकीर में नहीं होगी। बीच-बीच में 'डेड-कैट बाउंस' यानी कीमतों में छोटी रिकवरी देखी जा सकती है, लेकिन दीर्घकालिक रुझान (Long-term trend) अब नीचे की ओर नजर आ रहा है। नए निवेशकों को इस समय बड़े निवेश से बचने और बाजार के स्थिर होने का इंतजार करने की सलाह दी जाती है।