सोना या चांदी: इस साल किसने दिया पैसा बनाने का ज़्यादा मौका, और अब आगे किसमें लगाएं दांव?

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जब भी सुरक्षित निवेश की बात आती है, तो हम भारतीयों के मन में सबसे पहला नाम सोने-चांदी का ही आता है। लेकिन आजकल सीधे सोना-चांदी खरीदने के बजाय एक नया और स्मार्ट तरीका पॉपुलर हो रहा है, और वो है गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) और सिल्वर ईटीएफ (Silver ETF) में निवेश करना।

ये ईटीएफ (ETF) दरअसल कागज़ पर सोना-चांदी खरीदने जैसा है, जिसमें आपको चोरी या प्योरिटी की कोई टेंशन नहीं लेनी पड़ती। आप इन्हें अपने डीमैट अकाउंट से बिल्कुल किसी शेयर की तरह खरीद-बेच सकते हैं।

इस साल यानी 2025 ने इन दोनों ही चमकती धातुओं के निवेशकों की खूब चांदी कराई है। लेकिन सवाल यह है कि किसने ज़्यादा कमाई कराई और भविष्य के लिए कौन सा विकल्प बेहतर है? चलिए, समझते हैं।

इस साल किसने मारी बाजी?

अगर हम इस साल के प्रदर्शन की बात करें, तो सिल्वर ईटीएफ ने सोने को थोड़ी सी मात दी है और निवेशकों को ज़बरदस्त रिटर्न दिया है। चांदी की कीमतों में सोने से भी ज़्यादा उछाल देखने को मिला। इसकी एक बड़ी वजह है चांदी की बढ़ती इंडस्ट्रियल डिमांड। आजकल मोबाइल फोन, लैपटॉप से लेकर सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक गाड़ियों तक, हर जगह चांदी का इस्तेमाल बढ़ रहा है। जब इंडस्ट्री में मांग बढ़ती है, तो कीमतें भी आसमान छूने लगती हैं।

वहीं दूसरी ओर, गोल्ड ईटीएफ ने भी निराश नहीं किया। दुनिया भर में जब भी उथल-पुथल (जैसे युद्ध या आर्थिक मंदी) होती है, तो बड़े-बड़े देश और निवेशक भागकर सोने में पैसा लगाते हैं, क्योंकि इसे सबसे सुरक्षित माना जाता है। इसी वजह से सोने ने भी इस साल निवेशकों को अच्छा-खासा मुनाफा कमाकर दिया है।

आगे क्या करें? सोना खरीदें या चांदी?

अब आता है सबसे बड़ा सवाल – भविष्य के लिए किसमें निवेश करना ज़्यादा फायदेमंद हो सकता है?

चांदी (Silver ETF) में क्यों लगाएं पैसा?
जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में चांदी सोने से भी तेज़ दौड़ सकती है। इसकी सबसे बड़ी वजह है ग्रीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी में इसका बढ़ता इस्तेमाल। जैसे-जैसे दुनिया इलेक्ट्रिक गाड़ियों और सोलर एनर्जी की तरफ बढ़ेगी, चांदी की मांग और बढ़ेगी, जिसका सीधा असर इसकी कीमतों पर पड़ेगा। हालांकि, चांदी में एक रिस्क भी है। यह सोने के मुकाबले ज़्यादा अस्थिर (Volatile) होती है, यानी इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव बहुत तेज़ी से होता है।

सोना (Gold ETF) में क्यों लगाएं पैसा?
सोना हमेशा से ही एक सदाबहार और सुरक्षित निवेश रहा है। यह मुश्किल समय में आपके पोर्टफोलियो को संभालने का काम करता है। अगर आप एक ऐसे निवेशक हैं जो ज़्यादा रिस्क नहीं लेना चाहते और अपने निवेश में स्थिरता चाहते हैं, तो सोना आपके लिए एक बेहतर विकल्प है। यह आपको चांदी जितना तूफानी रिटर्न शायद न दे, लेकिन यह आपके पैसे को डूबने से बचाता है।

आखिरी सलाह

तो कुल मिलाकर कहानी यह है कि अगर आप थोड़ा ज़्यादा रिस्क लेकर तेज़ रिटर्न कमाना चाहते हैं, तो सिल्वर ईटीएफ पर नज़र रख सकते हैं। लेकिन अगर आप एक शांत और स्थिर निवेश चाहते हैं, तो गोल्ड ईटीएफ हमेशा की तरह एक बेहतरीन विकल्प है। समझदारी इसी में है कि आप अपने पोर्टफोलियो में दोनों को थोड़ी-थोड़ी जगह दें, ताकि आपको सुरक्षा भी मिले और अच्छा रिटर्न भी।

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