जर्मनी चुनाव नतीजे: गठबंधन सरकार का रास्ता साफ, फ्रीडरिष मैर्त्स बन सकते हैं नए चांसलर

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जर्मनी में चुनाव परिणाम घोषित हो चुके हैं और अब गठबंधन सरकार बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। फ्रीडरिष मैर्त्स नए जर्मन चांसलर बन सकते हैं, जो निवर्तमान चांसलर ओलाफ शॉल्स की तुलना में अधिक कंजरवेटिव और राष्ट्रवादी विचारधारा के नेता माने जाते हैं। अपनी जीत के तुरंत बाद, उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान नाटो और डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी।

🔹 ट्रंप के बयानों पर मैर्त्स की तीखी प्रतिक्रिया

हाल ही में, डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो को लेकर यूरोपीय देशों को आड़े हाथों लिया था। उन्होंने कहा था कि यूरोपीय देशों को अपनी सुरक्षा पर अधिक खर्च करना चाहिए और अमेरिका पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, फ्रीडरिष मैर्त्स ने कहा,

“मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ मुझे टीवी पर कहना पड़ेगा, लेकिन ट्रंप के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अमेरिका की मौजूदा सरकार यूरोप के भविष्य को लेकर उतनी चिंतित नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा कि जर्मनी को अपनी परमाणु सुरक्षा के लिए अमेरिका पर निर्भरता कम करनी होगी। मैर्त्स ने सुझाव दिया कि फ्रांस और ब्रिटेन के साथ मिलकर यूरोपीय परमाणु सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर विचार किया जाना चाहिए।

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🔹 मैर्त्स की नीति: रूस के खिलाफ सख्ती और यूक्रेन को समर्थन

मैर्त्स ट्रांस-अटलांटिक संबंधों के प्रबल समर्थक रहे हैं, लेकिन वह रूस के खिलाफ अधिक कठोर नीति अपनाने के पक्षधर हैं। निवर्तमान चांसलर ओलाफ शॉल्स की तुलना में, मैर्त्स के शासन में यूक्रेन को मध्यम दूरी की टॉरस मिसाइल देने पर विचार किया जा सकता है, जिसका शॉल्स ने हमेशा विरोध किया था।

ओलाफ शॉल्स यूक्रेन-रूस युद्ध में जर्मनी की निष्पक्ष भूमिका बनाए रखने के पक्षधर थे, लेकिन मैर्त्स इस मामले में अधिक आक्रामक नीति अपनाने की सोच रखते हैं।

🔹 ट्रंप के रुख पर यूरोप में बढ़ी चिंता

डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों से यूरोपीय देशों में चिंता गहरा गई है। उन्होंने कहा था कि अमेरिका कब तक अन्य देशों की सुरक्षा का बोझ उठाएगा और यूक्रेन युद्ध को लेकर भी अपने पुराने रुख से पलटी मार ली। ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन ने खुद यह युद्ध छेड़ा था और अमेरिकी फंड का गलत इस्तेमाल किया गया।

ट्रंप की इस टिप्पणी के बाद फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन समेत कई यूरोपीय देशों ने इस पर आपत्ति जताई है और इसे चिंता बढ़ाने वाला बयान करार दिया है।

➡️ अब देखना होगा कि फ्रीडरिष मैर्त्स की अगुवाई में जर्मनी की विदेश नीति कैसी रहेगी और यूरोप में अमेरिका की भूमिका कितनी बदलती है।