Gemstones Horoscope : सोयी किस्मत जगा देंगे ये नवरत्न, बस जान लें इन्हें पहनने का यह एक गुप्त नियम
News India Live, Digital Desk: Gemstones Horoscope : अक्सर हम देखते हैं कि लोग अपनी परेशानियों को दूर करने और अपनी किस्मत चमकाने के लिए उंगलियों में तरह-तरह के रत्न यानी जेमस्टोन पहनते हैं। माणिक, मोती, मूंगा, पन्ना, नीलम जैसे ये खूबसूरत पत्थर सिर्फ गहने नहीं हैं, बल्कि ज्योतिष शास्त्र में इन्हें ग्रहों की शक्ति का स्रोत माना गया है।
माना जाता है कि सही रत्न सही तरीके से धारण करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर रत्न को बिना सोचे-समझे या गलत तरीके से पहन लिया जाए, तो यह फायदा पहुंचाने की बजाय आपकी मुश्किलें और बढ़ा सकता है?
यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे बिना डॉक्टर की सलाह के कोई शक्तिशाली दवा खा लेना। इसलिए, अगर आप भी कोई रत्न पहनने की सोच रहे हैं या पहले से पहने हुए हैं, तो इन जरूरी नियमों को एक बार जरूर जान लें।
1. बिना कुंडली दिखाए रत्न पहनना है सबसे बड़ी भूल
यह सबसे पहला और सबसे जरूरी नियम है। हर रत्न एक खास ग्रह से जुड़ा होता है। आपकी कुंडली में कौन-सा ग्रह कमजोर है और कौन-सा ग्रह पहले से ही मजबूत स्थिति में है, यह सिर्फ एक अनुभवी ज्योतिषी ही बता सकता है। कई बार लोग सिर्फ शौक में या किसी के कहने पर कोई भी रत्न पहन लेते हैं, जो उनके लिए उल्टा प्रभाव डाल सकता है। इसलिए, कोई भी रत्न पहनने से पहले अपनी कुंडली किसी अच्छे ज्योतिषी को जरूर दिखाएं।
2. रत्न को बिना शुद्ध और सिद्ध किए पहनना
बाज़ार से खरीदकर रत्न को सीधे पहन लेना एक और बड़ी गलती है। जब रत्न खदान से निकलकर, कटिंग और पॉलिशिंग के बाद आप तक पहुंचता है, तो वह कई तरह की नकारात्मक ऊर्जाओं के संपर्क में आता है। इसलिए, किसी भी रत्न को धारण करने से पहले उसका शुद्धिकरण और प्राण-प्रतिष्ठा करना बहुत जरूरी है।
इसे कच्चे दूध, गंगाजल से धोकर शुद्ध किया जाता है और फिर उस रत्न से जुड़े ग्रह के मंत्रों का जाप करके उसे सिद्ध यानी ενεργਾਈజ్ किया जाता है, ताकि उसकी सकारात्मक ऊर्जा जागृत हो सके।
3. गलत धातु (Metal) और गलत दिन में पहनना
हर रत्न को किसी खास धातु में ही पहनना चाहिए, तभी वह अपना पूरा असर दिखाता है। जैसे माणिक को सोने में, मोती को चांदी में और नीलम को पंचधातु या सोने में पहनना शुभ माना जाता है। इसी तरह, हर रत्न को धारण करने के लिए एक विशेष दिन और समय (शुभ मुहूर्त) होता है। जैसे पुखराज को गुरुवार के दिन और मूंगा को मंगलवार के दिन पहनना चाहिए। गलत दिन या गलत धातु में पहनने से रत्न का प्रभाव कम या शून्य हो जाता है।
4. गलत उंगली में रत्न धारण करना
क्या आप जानते हैं कि हमारी हर उंगली का संबंध एक विशेष ग्रह से होता है? इसलिए किस रत्न को किस उंगली में पहनना है, यह जानना भी बेहद जरूरी है। उदाहरण के लिए, तर्जनी उंगली (Index Finger) का संबंध बृहस्पति ग्रह से है, इसलिए पुखराज इसी उंगली में पहना जाता है। वहीं मध्यमा उंगली (Middle Finger) शनि से जुड़ी है, तो नीलम को इसमें धारण किया जाता है। गलत उंगली में रत्न पहनने से उसकी ऊर्जा सही दिशा में काम नहीं करती।
5. टूटा हुआ या दाग वाला रत्न पहनना
कभी भी ऐसा रत्न न पहनें जो टूटा हुआ, चटका हुआ या जिसमें किसी तरह का दाग या धब्बा हो। ऐसे रत्न को ज्योतिष में खंडित माना जाता है और यह शुभ फल देने की बजाय अशुभ परिणाम दे सकता है। रत्न बिल्कुल साफ-सुथरा और चमकदार होना चाहिए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करें कि रत्न आपकी त्वचा को छू (touch) रहा हो, तभी उसकी ऊर्जा आपके शरीर में प्रवेश कर पाएगी।
रत्न सिर्फ पत्थर के टुकड़े नहीं हैं, वे ब्रह्मांड की ऊर्जा को समेटे हुए एक शक्तिशाली माध्यम हैं। इन्हें पूरे सम्मान, विश्वास और सही विधि-विधान के साथ ही धारण करें, तभी आपको इनका चमत्कारी लाभ मिल पाएगा।