Ganesh Chaturthi 2025 : बप्पा को प्रसन्न करने के लिए करें इन शक्तिशाली मंत्रों का जाप, हर संकट होगा दूर

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News India Live, Digital Desk: Ganesh Chaturthi 2025 : गणेश चतुर्थी का महापर्व इस साल 27 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा। यह 10 दिनों का उत्सव भगवान गणेश के जन्मदिवस के रूप में पूरे भारत में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। लोग अपने घरों में गणपति बप्पा की मूर्ति स्थापित करते हैं, उनकी पूजा-अर्चना करते हैं और तरह-तरह के भोग अर्पित करते हैं। पूजा और भोग के साथ-साथ, अगर कुछ विशेष मंत्रों का भी जाप किया जाए, तो गणपति जी जल्दी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

मंत्रों में चमत्कारी शक्तियां होती हैं और इनका सही उच्चारण करने से जीवन में सकारात्मकता आती है व सभी बाधाएं दूर होती हैं। तो आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही आसान और शक्तिशाली गणेश मंत्रों के बारे में, जिन्हें आप इस गणेश चतुर्थी पर जपकर बप्पा का विशेष आशीर्वाद पा सकते हैं।

1. सबसे सरल और शक्तिशाली मंत्र

यह मंत्र सबसे आसान और प्रचलित है। इसे कोई भी बड़ी सरलता से जप सकता है।

ॐ गं गणपतये नमः॥

अर्थ: इसका अर्थ है, "मैं गणपति को प्रणाम करता हूँ।" यह मंत्र हर तरह के विघ्नों को दूर करने वाला माना जाता है। किसी भी नए काम को शुरू करने से पहले इस मंत्र का जाप करना बेहद शुभ होता है।

2. सफलता और समृद्धि के लिए वक्रतुंड महाकाय मंत्र

यह मंत्र भगवान गणेश के विशाल स्वरूप और उनकी शक्ति को समर्पित है। यह मंत्र लगभग हर पूजा या शुभ कार्य की शुरुआत में बोला जाता है।

वक्र तुंड महाकाय, सूर्य कोटि समप्रभ:।
निर्विघ्नं कुरु मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा॥

अर्थ: "हे हाथी के जैसे विशालकाय शरीर वाले, जिनकी आभा करोड़ों सूर्यों के समान है, मेरे सभी कार्यों को बिना किसी विघ्न के हमेशा पूरा करें।"

3. गणेश गायत्री मंत्र - बुद्धि और ज्ञान के लिए

गायत्री मंत्र को वेदों में सबसे शक्तिशाली मंत्र माना गया है। हर देवता का अपना गायत्री मंत्र होता है। गणेश गायत्री मंत्र का जाप करने से बुद्धि तीव्र होती है, निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है और जीवन में ज्ञान का प्रकाश आता है।

ॐ एकदन्ताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि,
तन्नो दन्ति प्रचोदयात्॥

अर्थ: "हम एकदंत को जानते हैं, हम वक्रतुंड का ध्यान करते हैं, वह दंती (हाथी के दांत वाले) हमें सद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करें।"

4. हर बाधा को दूर करने वाला विघ्नहर्ता मंत्र

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह मंत्र जीवन की सभी परेशानियों और रुकावटों को दूर करने के लिए जपा जाता है।

गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम् ।
उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम् ॥

अर्थ: "जो गजानन हैं, भूतगणों द्वारा सेवित हैं, जो कैथ और जामुन जैसे फलों को प्रेम से खाते हैं, जो माता उमा के पुत्र और शोक का विनाश करने वाले हैं, मैं उन विघ्नेश्वर के चरण कमलों में नमस्कार करता हूँ।"

कैसे करें इन मंत्रों का जाप?

  • गणेश चतुर्थी के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  • गणपति जी की मूर्ति के सामने आसन लगाकर बैठ जाएं।
  • हाथ में रुद्राक्ष की माला लें और पूरी श्रद्धा के साथ इनमें से किसी भी मंत्र का 108 बार (एक माला) जाप करें।
  • आप अपनी इच्छानुसार दिन में कई बार इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं।

इस गणेश चतुर्थी, इन दिव्य मंत्रों के साथ बप्पा की आराधना करें और देखें कि कैसे आपके जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और खुशियों का आगमन होता है।