वाराणसी' का ऐसा रूप जिसे देख दंग रह गया फ्रांस, जानें राजामौली के टीज़र ने पेरिस में कैसे रचा इतिहास
News India Live, Digital Desk : बात साल 2026 की हो या बीते बरसों की, एसएस राजामौली ने हमेशा साबित किया है कि अगर आपकी कहानी में दम है, तो भाषा कभी रुकावट नहीं बनती। इस बार राजामौली साहब अपनी किसी भारी-भरकम फिल्म के लिए नहीं, बल्कि 'वाराणसी' पर आधारित एक टीज़र को लेकर सुर्खियों में हैं। बड़ी बात ये नहीं है कि टीज़र शानदार है, बड़ी बात ये है कि इसे दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सिनेमाघरों में से एक पेरिस के 'ले ग्रैंड रेक्स' (Le Grand Rex) में स्क्रीन किया गया।
अब आप सोचेंगे कि इसमें इतनी क्या बड़ी बात है? दरअसल, ले ग्रैंड रेक्स सिर्फ एक सिनेमा हॉल नहीं, बल्कि यूरोप का एक ऐतिहासिक प्रतीक है। यहाँ किसी भी रैंडम प्रोजेक्ट को स्क्रीन करने की अनुमति नहीं मिलती। जब पेरिस के उस शानदार पर्दे पर काशी की पवित्र गलियां, घाटों की आरती और भारतीय संस्कृति की आत्मा दिखी, तो वहां मौजूद विदेशी दर्शक भी झूम उठे।
यह पहली बार है जब किसी भारतीय रीजनल और नेशनल प्रोजेक्ट के टीज़र को इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। राजामौली ने अपनी फिल्मों से भारतीय कहानियों को दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचाया है, और 'वाराणसी' उसी कड़ी का एक अगला हिस्सा लग रहा है। पेरिस जैसे कला और संस्कृति के शहर में बनारस के अध्यात्म को इतनी भव्यता से पेश करना यह दिखाता है कि राजामौली का विज़न अब सरहदों को पार कर चुका है।
जो लोग पेरिस के इस प्रीमियर में मौजूद थे, उनका कहना है कि काशी के दृश्यों को देखकर हॉल का माहौल ही बदल गया था। 'वाराणसी' का ये टीज़र हमें बताता है कि राजामौली सिर्फ एक डायरेक्टर नहीं हैं, बल्कि वे एक ऐसे कलाकार हैं जो भारत की जड़ों को तकनीक और सिनेमैटोग्राफी के ज़रिए अमर बनाना जानते हैं। अब पूरी दुनिया को इंतज़ार है कि इस छोटे से टीज़र के बाद पूरी 'वाराणसी' प्रोजेक्ट क्या धमाका करेगी!