राजस्थान में आसमान से बरसेगी आग, 43 डिग्री पहुंचा पारा धूलभरी आंधी और भीषण लू का डबल अटैक
News India Live, Digital Desk: मरुधरा में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राजस्थान के अधिकांश जिलों में सूर्यदेव के तीखे तेवरों से जनजीवन झुलसने लगा है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में भीषण लू (Heat Wave) और धूलभरी आंधी (Dust Storm) का डबल अलर्ट जारी किया है। बुधवार को प्रदेश के कई शहरों में पारा 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने की संभावना है, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है।
पश्चिमी राजस्थान में 30 KM की रफ्तार से चलेगी आंधी
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों जोधपुर, बाड़मेर और जैसलमेर में मौसम का मिजाज काफी आक्रामक रहने वाला है। यहाँ 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी तेज हवाएं चलने की संभावना है। आसमान में धूल छाने से दृश्यता (Visibility) कम हो सकती है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
इन जिलों में लू (Heat Wave) का 'येलो अलर्ट'
उत्तरी और पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में हीट वेव का प्रकोप बढ़ने वाला है। मौसम विभाग ने आगामी 23 से 25 अप्रैल के बीच श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर और चूरू जिलों में भीषण लू चलने की चेतावनी दी है। कोटा और उदयपुर संभाग में भी तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक रहने का अनुमान है। लू के चलते बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी विक्षोभ कमजोर, तपिश और बढ़ेगी
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में राजस्थान पर किसी भी मजबूत मौसमी सिस्टम या पश्चिमी विक्षोभ का असर नहीं है। शुष्क हवाओं के कारण हवा में नमी का स्तर गिर गया है, जिससे धूप की तपिश सीधे महसूस हो रही है। अगले 48 घंटों में तापमान में 1 से 2 डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है। लू के साथ-साथ रात के तापमान में भी इजाफा दर्ज किया जा रहा है, जिससे अब रातें भी गर्म होने लगी हैं।
दोपहर में निकलने से बचें, विभाग की एडवाइजरी
बढ़ती गर्मी और लू को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और मौसम विभाग ने संयुक्त एडवाइजरी जारी की है। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। बाहर निकलते समय शरीर को पूरी तरह ढककर रखें और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें। स्कूलों के समय में भी बदलाव की मांग तेज हो रही है ताकि छात्र गर्मी की चपेट में न आएं।