यूपी में बेमौसम बारिश से किसान बेहाल, CM योगी ने दौड़ाए अफसर, दिए सख्त निर्देश
News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश में चक्रवाती तूफान मोंथा (Cyclone Montha) के असर से हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों के माथे पर गहरी चिंता की लकीरें खींच दी हैं। प्रदेश के कई जिलों, खासकर पूर्वांचल में, खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी या कटकर रखी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इस मुश्किल घड़ी में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत मोर्चा संभाला है और अधिकारियों को किसानों को हरसंभव मदद पहुंचाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।
CM योगी ने बुलाई हाई-लेवल मीटिंग
किसानों की इस पीड़ा को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी ने शुक्रवार को एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में उन्होंने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया और अधिकारियों को 'ग्राउंड जीरो' पर उतरकर काम करने का आदेश दिया।
अफसरों को मिले 5 सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि यह किसानों के लिए संकट का समय है और इस वक्त किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:
- तुरंत फील्ड में जाएं: सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DMs) और राजस्व विभाग की टीमों को तुरंत प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और नुकसान का सही-सही आकलन करने का आदेश दिया गया है।
- 24 घंटे में रिपोर्ट सौंपें: नुकसान के आकलन की प्रक्रिया में तेजी लाते हुए, सीएम ने कहा है कि शुरुआती रिपोर्ट 24 से 48 घंटे के भीतर शासन को सौंपी जाए।
- किसान से सीधा संवाद करें: अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सिर्फ कागजी कार्रवाई न करें, बल्कि सीधे किसानों से मिलें, उनकी समस्याएं सुनें और उन्हें सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाएं।
- राहत और मुआवजे में देरी न हो: आकलन का काम पूरा होते ही, पात्र किसानों को बिना किसी देरी के फसल बीमा योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
- कृषि मंडियों में करें व्यवस्था: बारिश के कारण जिन किसानों की कटी हुई फसल भीग गई है, उन्हें कृषि मंडियों में अपनी उपज सुखाने और बेचने के लिए जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।
क्या है किसानों का दर्द?
इस बेमौसम बारिश ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है।
- धान की गुणवत्ता होगी खराब: पानी में डूबने से धान का दाना काला पड़ सकता है, जिससे बाजार में उसकी सही कीमत नहीं मिलेगी।
- आलू-सरसों की बुआई में देरी: जिन खेतों में पानी भर गया है, वहां अब आलू और सरसों जैसी अगली फसलों की बुआई में भी देरी होगी, जिसका असर पैदावार पर पड़ेगा।
सीएम योगी के इन त्वरित निर्देशों से संकट की घड़ी में किसानों को एक बड़ी राहत और उम्मीद मिली है। अब यह देखना होगा कि जमीनी स्तर पर अधिकारी कितनी तेजी और संवेदनशीलता के साथ इन आदेशों का पालन करते हैं और किसानों तक मदद पहुंचाते हैं।