इतने सालों बाद भी मैं यहाँ एक बाहरी ही हूँ, एलनाज नोरौजी का वो दर्द जो हर स्ट्रगलर महसूस करता है
News India Live, Digital Desk: फिल्मों में काम पाने की जद्दोजहद सिर्फ एक नए कलाकार तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उन लोगों के लिए भी उतनी ही मुश्किल है जो सालों से यहाँ काम कर रहे हैं। ईरानी मूल की एक्ट्रेस एलनाज नोरौजी का नाम आज किसी पहचान का मोहताज नहीं है, लेकिन उनके हालिया बयान ने एक नई बहस छेड़ दी है। एलनाज का मानना है कि चाहे आप कितना भी अच्छा काम कर लें, इंडस्ट्री का एक हिस्सा आपको हमेशा 'आउटसाइडर' (Outsider) की नज़र से ही देखता है।
टैलेंट पर भारी पड़ता भाई-भतीजावाद (Nepotism)
एलनाज ने बड़ी बेबाकी से स्वीकार किया कि आज भी कई बार ऐसा होता है कि उन्हें किसी फिल्म के लिए लगभग फाइनल कर लिया जाता है, लेकिन ऐन मौके पर उन्हें हटाकर किसी 'स्टार किड' को वह रोल दे दिया जाता है। एलनाज कहती हैं, "यह सिर्फ एक बार की बात नहीं है, ऐसा अक्सर होता है।"
यह उन कलाकारों के लिए काफी निराशाजनक होता है जो अपना देश और परिवार छोड़कर यहाँ सिर्फ अपने हुनर के दम पर पहचान बनाने आते हैं। एलनाज का मानना है कि स्टार किड्स के पास वो 'कनेक्शन' होते हैं जिसकी वजह से उन्हें दूसरा या तीसरा मौका बड़ी आसानी से मिल जाता है, जबकि एक बाहरी व्यक्ति के लिए एक भी गलती भारी पड़ सकती है।
मेहनत जारी है, लेकिन संघर्ष कम नहीं हुआ
'सेक्रेड गेम्स' और कई बड़ी फिल्मों का हिस्सा रहने के बावजूद एलनाज को लगता है कि उन्हें आज भी खुद को साबित करने के लिए दूसरों से दुगुनी मेहनत करनी पड़ती है। वह बताती हैं कि इंडस्ट्री के बड़े फिल्म मेकर्स के ऑफिस में जगह बनाना आज भी उतना ही मुश्किल है जितना उनके शुरुआती दिनों में था। यहाँ आपकी काबिलियत से ज्यादा कभी-कभी इस बात को अहमियत दी जाती है कि आप किसके परिवार से आते हैं।
एलनाज की ये बात हम सबके लिए एक सबक है
एलनाज नोरौजी का यह अनुभव सिर्फ एक एक्ट्रेस की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन हज़ारों युवाओं का सच है जो छोटे शहरों या विदेशों से अपनी आँखों में बड़े सपने लेकर मुंबई आते हैं। उनका कहना है कि वे इस बात से दुखी नहीं होतीं, बल्कि यह हकीकत उन्हें और ज्यादा मेहनत करने की प्रेरणा देती है।
पर सवाल वही रह जाता है—क्या बॉलीवुड कभी टैलेंट को उसके बैकग्राउंड से ऊपर रख पाएगा? 2026 के इस दौर में भी अगर एक सफल एक्ट्रेस खुद को असुरक्षित और 'बाहरी' महसूस कर रही है, तो शायद हमें अपनी पसंद और इंडस्ट्री के काम करने के तरीके पर दोबारा गौर करने की ज़रूरत है।
आप इस बारे में क्या सोचते हैं? क्या वाकई टैलेंट को सरनेम की वजह से पीछे धकेला जा रहा है? हमें अपने विचार ज़रूर बताएं।