EV Revolution : डोनट लैब का कमाल मात्र 4.5 मिनट में 80% चार्ज होगी इलेक्ट्रिक कार की बैटरी, स्कैम कहने वालों को दिया करारा जवाब
News India Live, Digital Desk: इलेक्ट्रिक वाहनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती चार्जिंग में लगने वाला लंबा समय और रेंज की चिंता (Range Anxiety) रही है। लेकिन डोनट लैब ने एक ऐसा प्रदर्शन किया है जिसने पूरी इंडस्ट्री को चौंका दिया है। कंपनी की सॉलिड-स्टेट बैटरी ने महज 4.5 मिनट में 0 से 80 प्रतिशत तक चार्ज होकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
क्या है डोनट लैब की यह तकनीक? (Key Technology Highlights)
सॉलिड-स्टेट बैटरियां मौजूदा लिथियम-आयन बैटरियों का भविष्य मानी जा रही हैं। डोनट लैब ने इसमें कई सुधार किए हैं:
अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग: जहां सामान्य EV को फास्ट चार्जर से भी 80% होने में 30-45 मिनट लगते हैं, वहीं यह तकनीक इसे स्मार्टफोन चार्ज करने से भी तेज (4.5 मिनट) बनाती है।
सॉलिड इलेक्ट्रोलाइट: पारंपरिक बैटरियों में लिक्विड इलेक्ट्रोलाइट होता है जो आग लगने का खतरा पैदा करता है। डोनट लैब की सॉलिड-स्टेट बैटरी पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें आग लगने की संभावना लगभग शून्य है।
लंबी उम्र और उच्च डेंसिटी: यह तकनीक बैटरी के जीवनकाल को बढ़ाती है और कम वजन में ज्यादा पावर (High Energy Density) प्रदान करती है।
आलोचकों को करारा जवाब (Silencing the Critics)
पिछले काफी समय से टेक जगत में कुछ विशेषज्ञ इस स्टार्टअप के दावों को 'स्कैम' या 'फेक' बता रहे थे। उनका तर्क था कि इतनी तेज चार्जिंग से पैदा होने वाली गर्मी (Heat) को संभालना नामुमकिन है।
डोनट लैब ने लाइव डेमो और लैब डेटा जारी कर यह साबित कर दिया है कि उनकी थर्मल मैनेजमेंट तकनीक प्रभावी है और यह कोई कागजी दावा नहीं बल्कि हकीकत है।
आम आदमी के लिए इसका क्या मतलब है?
अगर यह तकनीक बड़े पैमाने पर उत्पादन (Mass Production) में आती है, तो:
पेट्रोल पंप जैसा अनुभव: जितनी देर में आप पेट्रोल भरवाते हैं, उतनी ही देर में आपकी कार फुल चार्ज हो जाएगी।
सस्ते इलेक्ट्रिक वाहन: उच्च ऊर्जा घनत्व के कारण छोटी बैटरियों से लंबी रेंज मिलेगी, जिससे कारों की कीमत कम हो सकती है।
पर्यावरण को लाभ: लंबी चलने वाली बैटरियों का मतलब है कम ई-वेस्ट।