EPFO Pension Update 2026: पेंशनभोगियों की लग गई लॉटरी! न्यूनतम पेंशन ₹7500 करने का प्रस्ताव, 1 मार्च से लागू होंगे ये 5 बड़े बदलाव

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नई दिल्ली। रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा की चिंता करने वाले करोड़ों कर्मचारियों के लिए साल 2026 बड़ी सौगात लेकर आया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपनी पेंशन योजना (EPS-95) में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए बुजुर्गों को बड़ी राहत दी है। महंगाई के इस दौर में ईपीएफओ के ये नए नियम न केवल पेंशन की राशि बढ़ाएंगे, बल्कि क्लेम करने की जटिल प्रक्रिया को भी पूरी तरह खत्म कर देंगे। 1 मार्च 2026 से लागू होने वाले इन सुधारों का सीधा असर संगठित क्षेत्र के करोड़ों परिवारों पर पड़ने वाला है।

न्यूनतम पेंशन ₹7500: अब बुढ़ापे में नहीं फैलाना होगा हाथ

साल 2026 का सबसे ऐतिहासिक बदलाव न्यूनतम पेंशन की सीमा को बढ़ाना है। लंबे समय से पेंशनभोगी ₹1000 की मामूली राशि को बढ़ाने की मांग कर रहे थे। अब सरकार ने इसे बढ़ाकर ₹7500 प्रति माह करने की तैयारी पूरी कर ली है। इसका सबसे अधिक लाभ उन निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को मिलेगा जिनका वेतन कम था। अब ईपीएफओ यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी बुजुर्ग को अपनी बुनियादी जरूरतों जैसे दवा और बिजली बिल के लिए किसी पर निर्भर न रहना पड़े।

36 महीने का पुराना नियम खत्म, अब नहीं अटकेंगे क्लेम

पेंशनभोगियों के लिए एक और बड़ी राहत '36 महीने' के प्रतिबंध में दी गई छूट है। पहले यदि क्लेम करने में 36 माह से अधिक की देरी हो जाती थी, तो आवेदन अक्सर खारिज कर दिए जाते थे। अब ईपीएफओ ने तकनीकी और व्यक्तिगत कारणों को समझते हुए इस नियम में लचीलापन दिखाया है। अब पुराने अटके हुए मामलों की दोबारा जांच होगी और पात्र पेंशनर्स को उनका हक मिल सकेगा। रिकॉर्ड्स के डिजिटलीकरण ने इस प्रक्रिया को और भी पारदर्शी बना दिया है।

पेंशन गणना का नया फॉर्मूला: ज्यादा सेवा, ज्यादा फायदा

पेंशन की गणना अब पिछले 5 वर्षों के बजाय अंतिम 12 महीनों के औसत वेतन पर आधारित होगी। इस बदलाव से पेंशन की अंतिम राशि में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जाएगी। इसके अलावा, पेंशन योगदान की ऊपरी सीमा (Wage Ceiling) को लेकर भी लचीले रुख से उन कर्मचारियों को फायदा होगा जिनकी सैलरी अधिक है। अब आपका सेवा काल और योगदान ही आपकी खुशहाल रिटायरमेंट की चाबी बनेगा।

डिजिटल ईपीएफओ: घर बैठे 15 दिन में मिलेगा पैसा

रिटायरमेंट के बाद दफ्तरों के चक्कर काटने का दौर अब पुराना हो चुका है। 2026 के नए पोर्टल पर आप अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के जरिए लॉगिन करके सीधे दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। ईपीएफओ ने लक्ष्य रखा है कि आधार और ओटीपी सत्यापन के जरिए 15 दिनों के भीतर पेंशन का निपटान कर दिया जाए। भ्रष्टाचार और बिचौलियों को खत्म करने के लिए भुगतान सीधे बैंक खाते में 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) के जरिए किया जा रहा है।

नौकरी छूटने पर भी सुरक्षा: 75% राशि निकालने की सुविधा

ईपीएफओ ने केवल पेंशन ही नहीं, बल्कि नौकरी जाने की स्थिति में भी कर्मचारियों का ख्याल रखा है। यदि कोई कर्मचारी बेरोजगार हो जाता है, तो वह अपने पीएफ फंड का 75 प्रतिशत हिस्सा तुरंत निकाल सकता है, ताकि नई नौकरी मिलने तक उसका खर्च चल सके। शेष 25 प्रतिशत राशि बाद में निकाली जा सकती है। यह कदम कर्मचारियों को वित्तीय स्थिरता प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।

पेंशनर्स के लिए जरूरी सलाह: अपनी पेंशन बिना किसी रुकावट के पाने के लिए अपना 'डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र' (Life Certificate) समय पर जमा करें और यूएएन को आधार व सक्रिय बैंक खाते से लिंक रखें। किसी भी तकनीकी समस्या के लिए ईपीएफओ के आधिकारिक पोर्टल या हेल्पडेस्क का सहारा लें।