लालू परिवार की कलह में बृजभूषण सिंह के करीबी की एंट्री, जानिए कौन है ये नया चेहरा रमीज़ नेमत?
News India Live, Digital Desk: बिहार का सियासी पारा हमेशा चढ़ा रहता है, लेकिन इन दिनों गर्मी लालू प्रसाद यादव के परिवार के अंदर मची कलह से और बढ़ गई है. रोज़ नए बयान और आरोप-प्रत्यारोप सामने आ रहे हैं. लेकिन अब इस पारिवारिक झगड़े में एक ऐसे शख्स का नाम उछला है, जिसके कनेक्शन सीधे तौर पर बीजेपी सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह से जुड़ते हैं. इस शख्स का नाम है- रमीज़ नेमत.
आखिर कौन हैं रमीज़ नेमत?
रमीज़ नेमत कोई राजनेता नहीं, बल्कि खेल की दुनिया से जुड़े व्यक्ति हैं. वह बिहार कुश्ती संघ के अध्यक्ष हैं. खेल प्रशासक के तौर पर उनकी पहचान है. लेकिन उनका नाम अचानक सुर्खियों में तब आया, जब लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव के सलाहकार (संजय यादव) पर आरोप लगाते हुए रमीज़ नेमत का ज़िक्र किया.
लालू परिवार के झगड़े से क्या है कनेक्शन?
दरअसल, तेज प्रताप यादव अपनी बहन रोहिणी आचार्य के सारण लोकसभा चुनाव हारने के बाद से ही काफी मुखर हैं. उन्होंने हार का ठीकरा तेजस्वी यादव के सलाहकार संजय यादव और एक अन्य व्यक्ति पर फोड़ा था. इसी कड़ी में उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रमीज़ नेमत का नाम लिया और कुछ दस्तावेज़ दिखाए. उनका इशारा था कि परिवार के अंदर कुछ लोग बाहरी लोगों के साथ मिलकर साज़िश कर रहे हैं.
तेज प्रताप के आरोपों के बाद रमीज़ नेमत का नाम सबके सामने आ गया और लोग यह जानने को उत्सुक हो गए कि आखिर कुश्ती संघ से जुड़ा एक व्यक्ति लालू परिवार की अंदरूनी राजनीति में कैसे शामिल हो गया.
बृजभूषण शरण सिंह से कैसे जुड़े हैं तार?
रमीज़ नेमत का कनेक्शन सिर्फ लालू परिवार तक ही सीमित नहीं है. वह भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के भी काफी करीबी माने जाते हैं. जब बृजभूषण सिंह पर महिला पहलवानों ने गंभीर आरोप लगाए थे और दिल्ली में धरना-प्रदर्शन चल रहा था, उस मुश्किल घड़ी में भी रमीज़ नेमत खुलकर बृजभूषण के समर्थन में खड़े थे. उन्होंने बृजभूषण का बचाव किया था.
अब यही बात लोगों को हैरान कर रही है. एक तरफ लालू परिवार और उनकी पार्टी बीजेपी की धुर विरोधी है, वहीं दूसरी तरफ उनके पारिवारिक विवाद में एक ऐसे शख्स का नाम आ रहा है जो बीजेपी के एक विवादित सांसद का करीबी है. यह कनेक्शन इस पूरे मामले को और भी ज़्यादा पेंचीदा बना रहा है.
फिलहाल, इस पारिवारिक कलह में एक बाहरी शख्स की एंट्री ने बिहार की सियासत में नई अटकलों को जन्म दे दिया है. देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में यह मामला और क्या मोड़ लेता है.