Entry banned in Jaipur on Janmashtami: मंदिर पहुंचने के ये हैं खास वैकल्पिक रास्ते, ऐसे करें आवागमन
- by Archana
- 2025-08-16 15:25:00
News India Live, Digital Desk: Entry banned in Jaipur on Janmashtami: श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर, शुक्रवार और शनिवार, 16 और 17 अगस्त 2025 को जयपुर में प्रसिद्ध गोविंददेवजी मंदिर और इस्कॉन मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है. श्रद्धालुओं की सुगमता और शहर में यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए, जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने एक विशेष योजना तैयार की है, जिसमें कई मार्गों पर वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित किया जाएगा और वैकल्पिक रास्तों का सुझाव दिया गया है.
गोविंददेवजी मंदिर (शहर के भीतर) के लिए व्यवस्था:
16 अगस्त की सुबह 6 बजे से जन्माष्टमी celebrations की समाप्ति तक गोविंददेवजी मंदिर के आसपास का ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा. रामनिवास बाग से हवामहल की तरफ जाने वाले वाहन त्रिपोलिया गेट के सामने से डायवर्ट होकर चौगान चौराहे से हवामहल की ओर जाएंगे. वहीं, त्रिपोलिया बाजार और चौकड़ी मोदी खाना का ट्रैफिक केवल दर्शनार्थियों के लिए रहेगा और वाहनों का प्रवेश निषेध रहेगा. अगर कोई श्रद्धालु इन क्षेत्रों में निजी वाहन से आता है, तो वह हवामहल पार्किंग, सुभाष चौक या रामनिवास बाग में अपने वाहन पार्क कर सकता है और पैदल ही मंदिर की ओर बढ़ सकता है.
छोटी चौपड़ से आमेर की तरफ जाने वाला यातायात जोड़ियों की लाड, संजय सर्कल से होते हुए निकल सकेगा. जौहरी बाजार से हवामहल की ओर जाने वाला ट्रैफिक भी इस योजना में शामिल है. दर्शनार्थियों को परेशानी से बचाने के लिए और वीवीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए, शहर के अंदर की traffic routes को अनुकूलित किया गया है, जिससे सभी के लिए सुचारु आवागमन सुनिश्चित हो सके.
इस्कॉन मंदिर (बाहर) के लिए व्यवस्था:
इस्कॉन मंदिर, खातीपुरा पर, जन्माष्टमी के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ का प्रबंधन करने के लिए ट्रैफिक योजना में कुछ बदलाव किए गए हैं. झोटवाड़ा और सिरसी की ओर से आने वाले छोटे-बड़े वाहन गोविंदम होटल मोड़ से मोड़ दिए जाएंगे और वे मुड़कर खिरनी फाटक फ्लाईओवर की तरफ से खातीपुरा रोड पर निकल सकेंगे. वहीं, खिरनी फाटक और एम्ब्रोइडर मोड़ से मंदिर की ओर आने वाले ट्रैफिक को एम्ब्रोइडर मोड से मोड़ दिया जाएगा.
यह भी निर्देशित किया गया है कि बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से इस्कॉन मंदिर जाने वाले भक्तों को खिरनी फाटक या एम्ब्रोइडर मोड़ पर उतरना होगा और पैदल ही मंदिर की ओर बढ़ना होगा. दर्शनार्थियों और वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे इन यातायात नियमों का पालन करें और यातायात पुलिस के कर्मचारियों का सहयोग करें, जिससे इस पवित्र अवसर पर किसी को असुविधा न हो.
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