लेफ्टिनेंट से 'गजल के शहजादा' तक का सफर: मदन मोहन की कहानी, जिन्हें दुनिया ने उनके जाने के बाद पहचाना
भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास में अगर कोई जोड़ी रूह को सुकून देने के लिए जानी जाती है, तो वह है संगीतकार मदन मोहन और 'सुर साम्राज्ञी' लता मंगेशकर की जोड़ी। 'लग जा गले', 'आपकी नजरों ने समझा' और 'नैना बरसे रिमझिम' जैसे गीतों ने आज भी अपनी जादुई पकड़ बना रखी है। लता मंगेशकर उन्हें न केवल अपना पसंदीदा संगीतकार मानती थीं, बल्कि उन्हें एक भाई की तरह मानती थीं। लेकिन संगीत की दुनिया के इस 'शहजादे' की कहानी जितनी सुरीली है, उतनी ही संघर्षपूर्ण भी रही है।
सेना की वर्दी से संगीत के सुरों तक
बहुत कम लोग जानते हैं कि संगीत की गहराई में उतरने से पहले मदन मोहन देश की रक्षा के लिए सेना में तैनात थे। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, 1943 में अपनी एक साल की सैन्य ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वे भारतीय सेना में 'सेकंड लेफ्टिनेंट' के पद पर कार्यरत हुए थे। युद्ध की विभीषिका के बाद जब उन्होंने सेना से इस्तीफा दिया, तो वे मुंबई लौट आए। 'ऑल इंडिया रेडियो' से जुड़कर उन्होंने अपने संगीत के सफर की शुरुआत की, जिसने आगे चलकर लता मंगेशकर की आवाज को एक नई ऊंचाई दी।
सिद्धांतों के धनी, जिन्हें देर से मिली पहचान
मदन मोहन का संगीत गजल और शास्त्रीय संगीत का एक ऐसा अनूठा संगम था, जो सीधे दिल में उतर जाता था। वे बेहद सादगी पसंद और उसूलों के पक्के इंसान थे। फिल्मी दुनिया की चकाचौंध और दिखावे से दूर रहने के कारण उन्हें अपने करियर में कई बार काम के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा। फिल्म इंडस्ट्री की व्यावसायिक दौड़ में वे अक्सर पिछड़ जाते थे। यह विडंबना ही है कि जिस कलाकार ने 'वो कौन थी', 'अनपढ़' और 'हीर रांझा' जैसी फिल्मों में अपनी बेहतरीन धुनें दीं, उन्हें उनके जीते जी वह मुकाम नहीं मिला जिसके वे हकदार थे।
निधन के बाद 'अमर' हुआ उनका संगीत
1975 में जब मदन मोहन ने इस दुनिया को अलविदा कहा, तब जाकर लोगों को उनकी धुनो की असल कीमत समझ आई। मौत के बाद उनके संगीत को जो शोहरत मिली, उसने उन्हें हमेशा के लिए अमर कर दिया। लता मंगेशकर ने उन्हें प्यार से 'गजल का शहजादा' कहा था, और आज उनकी रचनाएं संगीत के छात्रों और प्रेमियों के लिए किसी स्कूल से कम नहीं हैं। मदन मोहन की सादगी और उनके गहरे संगीत ने साबित कर दिया कि असली हुनर किसी दिखावे का मोहताज नहीं होता, वह समय की कसौटी पर हमेशा खरा उतरता है।