राजेश खन्ना के गुरु कुर्ते सिलते थे नसीरुद्दीन शाह के ससुर! सांस से लेकर बेटियां तक बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेसेस, जानिए इस अनूठे फिल्मी परिवार की कहानी

राजेश खन्ना के गुरु कुर्ते सिलते थे नसीरुद्दीन शाह के ससुर! सांस से लेकर बेटियां तक बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेसेस, जानिए इस अनूठे फिल्मी परिवार की कहानी

70 के दशक में जब बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) का जादू देश के सिर चढ़कर बोल रहा था, तब उनका अनोखा ड्रेसिंग स्टाइल हर युवा का फैशन स्टेटमेंट बन गया था। काका का वो ढीला-ढाला 'गुरु कुर्ता' और सफारी सूट पूरे देश में ट्रेंड कर रहा था। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि राजेश खन्ना के इन आइकोनिक कपड़ों को सिलने और डिजाइन करने के पीछे मुंबई के एक मशहूर दर्जी बलदेव पाठक (Baldev Pathak) का हाथ था। बलदेव पाठक की कारीगरी का ऐसा जलवा था कि उनके पास रोजाना हजारों कुर्तों के ऑर्डर आते थे और दूर-दूर से लोग उनसे कपड़े सिलवाने मुंबई पहुंचते थे।

नसीरुद्दीन शाह और पंकज कपूर से अनूठा पारिवारिक नाता

बलदेव पाठक का यह फिल्मी कनेक्शन आगे चलकर भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित कलात्मक परिवारों में बदल गया। दरअसल, बलदेव पाठक का रिश्ता बॉलीवुड के दो सबसे महान अभिनेताओं—नसीरुद्दीन शाह (Naseeruddin Shah) और पंकज कपूर (Pankaj Kapur) से बना।

  • नसीरुद्दीन शाह की शादी बलदेव पाठक की बड़ी बेटी रत्ना पाठक शाह (Ratna Pathak Shah) से हुई।

  • वहीं पंकज कपूर ने बलदेव पाठक की छोटी बेटी सुप्रिया पाठक (Supriya Pathak) से विवाह किया।

इस तरह राजेश खन्ना के कपड़े डिजाइन करने वाले बलदेव पाठक रिश्ते में नसीरुद्दीन शाह और पंकज कपूर दोनों के ससुर (Father-in-law) बने।

सास से लेकर बेटियां तक: एक्टिंग की दुनिया में कायम किया राज

बलदेव पाठक ने अपने जमाने की दिग्गज और कालजयी अभिनेत्री दीना पाठक (Dina Pathak) से शादी की थी। दीना पाठक ने 'गोलमाल', 'खूबसूरत' और 'मिर्च मसाला' जैसी अनगिनत फिल्मों में मां और दादी के किरदारों से भारतीय सिनेमा में अपनी अमिट छाप छोड़ी।

  • रत्ना पाठक शाह: 'साराभाई वर्सेस साराभाई' में 'माया साराभाई' के किरदार से हर दिल अजीज बनीं और 'जाने तू या जाने ना', 'कपूर एंड संस' जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया।

  • सुप्रिया पाठक: 'खिचड़ी' में अपने आइकॉनिक किरदार 'हंसा' और फिल्म 'गोलियों की रासलीला राम-लीला' में 'धनकोर बा' के नेगेटिव रोल के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराही गईं।

काका का करियर ढलान पर आते ही बदला परिवार का वक्त

जब 70 के दशक के अंत में राजेश खन्ना का स्टारडम धीरे-धीरे कम होने लगा, तो उसका सीधा असर बलदेव पाठक के टेलरिंग बिजनेस पर भी पड़ा। कुछ समय बाद उनका देहांत हो गया। हालांकि, उनकी पत्नी दीना पाठक और उनकी दोनों बेटियों ने अपने अभिनय और मेहनत के दम पर भारतीय थिएटर, टेलीविजन और हिंदी सिनेमा की दुनिया में एक ऐसा मुकाम हासिल किया, जो आज मिसाल बन चुका है।

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