मिर्जापुर: गुड्डू और मुन्ना भैया की बड़े पर्दे पर सोमवार को भी रही जबरदस्त धमाचौकड़ी, सलमान खान की फिल्मों को भी पछाड़ा
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की उबड़-खाबड़ गलियों, कट्टे की गूंज और कालीन भैया के खौफ से तो पूरी दुनिया ओटीटी प्लेटफॉर्म पर पहले ही वाकिफ हो चुकी है, लेकिन अब इस खूंखार और धमाकेदार दुनिया ने बॉक्स ऑफिस पर जो कोहराम मचाया है, उसने हर किसी को हैरान कर दिया है। वेब सीरीज के रूप में घर-घर में तहलका मचाने वाली 'मिर्जापुर' की कहानी जब बड़े पर्दे पर उतरी, तो दर्शकों का ऐसा सैलाब उमड़ा कि अच्छे-अच्छे बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड चकनाचूर हो गए। दिलचस्प बात यह है कि आमतौर पर फिल्मों की कमाई सोमवार आते ही ठंडी पड़ जाती है और आंकड़े धड़ाम हो जाते हैं, लेकिन मिर्जापुर के इन किरदारों ने सोमवार के दिन भी सिनेमाघरों में ऐसी धमाचौकड़ी मचाई कि ट्रेड एनालिस्ट्स के होश उड़ गए। रिलीज के महज चार दिनों के भीतर ही इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए 154 करोड़ रुपये का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। बॉलीवुड के कई बड़े सुपरस्टार्स, जिनमें सलमान खान की फिल्में भी शामिल हैं, के शुरुआती बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को इस फिल्म ने पीछे छोड़ दिया है और टिकट खिड़की पर अपनी बादशाहत पूरी तरह से कायम कर ली है।
ओटीटी के सुल्तान अब सिल्वर स्क्रीन के भी बादशाह, गुड्डू और मुन्ना की जोड़ी का चला जादू
जब पहली बार यह घोषणा हुई थी कि ओटीटी की सबसे पॉपुलर फ्रेंचाइजी 'मिर्जापुर' को एक फीचर फिल्म के रूप में बड़े पर्दे पर लाया जाएगा, तो लोगों के मन में यह संशय था कि क्या छोटे परदे या फोन की स्क्रीन पर पसंद आने वाला कंटेंट सिनेमाघरों की भव्यता पर खरा उतर पाएगा या नहीं। लेकिन फिल्म के मेकर्स और निर्देशक ने जिस तरह से बड़े पैमाने पर इस खूंखार दुनिया को पर्दे पर उतारा है, उसने दर्शकों को अपनी सीटों से हिलने तक का मौका नहीं दिया है। फिल्म में गुड्डू पंडित की आक्रामक एंट्री, मुन्ना भैया के स्वैग और कालीन भैया के शांत लेकिन खतरनाक अंदाज ने सिनेमाघरों में सीटियों और तालियों की गड़गड़ाहट से माहौल को पूरी तरह से गूंजायमान कर दिया है। दर्शक बार-बार इस फिल्म को देखने के लिए थिएटर का रुख कर रहे हैं, और यही वजह है कि पहले वीकेंड के बाद भी मंडे टेस्ट में फिल्म ने शानदार प्रदर्शन करते हुए यह साबित कर दिया है कि जनता के बीच इस फ्रेंचाइजी का क्रेज किसी भी बड़े स्टार से कम नहीं है।
बॉक्स ऑफिस पर सलमान खान के रिकॉर्ड को पछाड़ने वाली तूफानी रफ्तार
भारतीय सिनेमा में सलमान खान को बॉक्स ऑफिस का सुल्तान माना जाता है, जिनकी फिल्मों की ओपनिंग और शुरुआती वीकेंड की कमाई के आंकड़े हमेशा से आसमान छूते रहे हैं, लेकिन मिर्जापुर के इस फिल्मी अवतार ने इन सभी धारणाओं को नए सिरे से परिभाषित कर दिया है। महज चार दिनों के भीतर 154 करोड़ रुपये से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन करना यह बताता है कि दर्शक अब लीक से हटकर कुछ रॉ, इंटेंस और देसी मास एंटरटेनर देखना चाहते हैं। फिल्म के एक्शन सीन्स, गालियों के तीखे डायलॉग्स और उत्तर प्रदेश की स्थानीय संस्कृति की सोंधी खुशबू ने उत्तर भारत के सिंगल स्क्रीन थिएटर्स से लेकर महानगरों के मल्टीप्लेक्स तक में तहलका मचा रखा है। ट्रेड पंडितों का मानना है कि जिस रफ्तार से यह फिल्म वीकडेज में भी कमाई कर रही है, वह आने वाले दिनों में कई और मेगा बजट फिल्मों के लाइफटाइम कलेक्शन को भी पीछे छोड़ सकती है और बॉक्स ऑफिस पर नया इतिहास रच सकती है।
सिंगल स्क्रीन से लेकर मल्टीप्लेक्स तक उत्तर प्रदेश और बिहार में हाउसफुल के बोर्ड
मिर्जापुर की इस सफलता के पीछे भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों के उन दर्शकों का सबसे बड़ा योगदान है जो अपनी मिट्टी से जुड़ी कहानियों को पर्दे पर देखना पसंद करते हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान के सिनेमाघरों में तो इस समय ऐसा माहौल देखने को मिल रहा है जैसा दशकों पहले अमिताभ बच्चन या शाहरुख खान की एक्शन फिल्मों के समय हुआ करता था। सुबह के शुरुआती शोज से लेकर देर रात के नाइट शोज तक ज्यादातर हॉल्स में हाउसफुल के बोर्ड टंगे हुए हैं, और टिकट खिड़की पर लंबी-लंबी कतारें इस बात का सबूत हैं कि जनता इस फिल्म को लेकर कितनी क्रेजी हो चुकी है। फिल्म की मार्केटिंग स्ट्रेटेजी और सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ ने इसकी पहुंच को युवाओं के बीच इतना मजबूत कर दिया है कि हर कोई इस सिनेमाई अनुभव का हिस्सा बनने के लिए सिनेमाघरों की तरफ भागा चला आ रहा है।
आने वाले दिनों में कमाई के नए मील के पत्थर और मिर्जापुर फ्रेंचाइजी का सुनहरा भविष्य
सिनेमाघरों में मिल रहे इस अभूतपूर्व प्रतिसाद को देखते हुए अब यह तय माना जा रहा है कि मेकर्स इस कहानी के अगले पार्ट्स पर भी तेजी से काम शुरू कर देंगे, क्योंकि दर्शकों की भूख अभी शांत नहीं हुई है। गुड्डू और मुन्ना की यह फिल्मी भिड़ंत भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक नया बिजनेस मॉडल पेश कर रही है, जहां लोकप्रिय ओटीटी IPs को बड़े पर्दे पर भुनाकर भारी-भरकम मुनाफा कमाया जा सकता है। आने वाले स्वतंत्रता दिवस या छुट्टियों के सीजन में इस फिल्म को और भी बड़ा फायदा मिलने की पूरी उम्मीद है, जिससे इसका कुल कलेक्शन 300 करोड़ रुपये के क्लब की तरफ आसानी से बढ़ सकता है। मिर्जापुर की यह सफलता इस बात का पक्का प्रमाण है कि यदि कहानी में दम हो, जमीन से जुड़ापन हो और किरदारों में जान हो, तो दर्शक किसी भी बड़े स्टार के मोहताज हुए बिना उस फिल्म को सिर आंखों पर बिठा लेते हैं।