मचान बाबा: 'हनुमान अंश' के बाद अब रहस्यमयी संत पर बनेगी फिल्म

मचान बाबा: 'हनुमान अंश' के बाद अब रहस्यमयी संत पर बनेगी फिल्म

भारतीय आध्यात्मिकता, योग साधना और चमत्कारों की भूमि पर समय-समय पर ऐसे कई रहस्यमयी संत अवतरित हुए हैं, जिन्होंने इतिहास की दिशा और देश की राजनीति को भी गहराई से प्रभावित किया है। ऐसे ही एक परम पूज्य और अलौकिक संत रहे हैं देवराहा बाबा, जिन्हें देश 'मचान बाबा' के रूप में भी जानता है। हाल ही में आई सफल फिल्म 'हनुमान अंश' की भारी सफलता के बाद अब भारतीय सिनेमा जगत में इन रहस्यमयी और अलौकिक संत देवराहा बाबा के जीवन और उनके चमत्कारों पर आधारित एक नई और भव्य फिल्म की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। देवराहा बाबा का नाम सुनते ही देश के करोड़ों लोगों के जहन में यमुना किनारे लकड़ी के ऊंचे मचान पर बैठने वाले और केवल अपने आशीर्वाद मात्र से लोगों के कष्ट हरने वाले चिर-युवा संत की छवि उभर आती है। भारतीय राजनीति के सबसे ताकतवर और प्रभावशाली राजनीतिक गलियारों में बाबा का ऐसा प्रभाव था कि देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से लेकर कई दिग्गज नेता तक उनका आशीर्वाद लेने के लिए उनके मचान के नीचे घंटों कतार में खड़े रहते थे। आज भी इंदिरा गांधी के हाथ पर देवराहा बाबा के आशीर्वाद से जुड़ी वो ऐतिहासिक और पौराणिक तस्वीरें देश के राजनीतिक इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हैं।

मचान बाबा यानी देवराहा बाबा का रहस्यमयी जीवन और उनका अलौकिक प्रभाव

देवराहा बाबा का जीवन किसी पहेली से कम नहीं था। उनकी आयु कितनी थी, उनका वास्तविक जन्म कहां और कब हुआ था, इस बात का जवाब आज तक कोई इतिहासकार या वैज्ञानिक नहीं ढूंढ पाया है। भक्त और संत समाज उन्हें अमर मानते थे और उनका विश्वास था कि वे सदियों से पृथ्वी पर तपस्या कर रहे हैं। वे हमेशा जमीन से काफी ऊंचाई पर लकड़ी के मचान पर निवास करते थे, जिसके कारण उन्हें 'मचान वाले बाबा' या 'मचान बाबा' के रूप में ख्याति मिली। वे अपने पास आने वाले हर भक्त को बिना कुछ बोले केवल अपने पैर या हाथ से सिर पर हल्का स्पर्श कर आशीर्वाद देते थे और उसी स्पर्श मात्र से लोगों के बड़े-बड़े कष्ट दूर हो जाते थे। उनका यह रहस्मयी जीवन और उनकी योग सिद्धियां हमेशा से शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और आध्यात्मिक प्रेमियों के लिए गहरी उत्सुकता का विषय रही हैं। आने वाली इस नई फिल्म में उनके इसी रहस्यमयी और आध्यात्मिक सफर को बड़े पर्दे पर जीवंत करने की तैयारी चल रही है, जिससे दर्शकों को भारतीय संत परंपरा के एक और अनछुए पहलू से रूबरू होने का मौका मिलेगा।

इंदिरा गांधी के हाथ पर देवराहा बाबा का वह ऐतिहासिक और राजनीतिक आशीर्वाद

भारतीय राजनीतिक इतिहास में देवराहा बाबा और देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जुड़ाव सबसे ज्यादा चर्चित रहा है। आपातकाल के बाद जब इंदिरा गांधी का राजनीतिक करियर अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा था और कांग्रेस पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था, तब इंदिरा गांधी अपना सब कुछ छोड़कर उत्तर प्रदेश के मथुरामय और देवरिया क्षेत्र में स्थित देवराहा बाबा के दर्शन करने पहुंची थीं। मचान के नीचे बैठी इंदिरा गांधी के सिर पर जब बाबा ने अपना हाथ रखा और आशीर्वाद दिया, तो उसके बाद के राजनीतिक घटनाक्रम ने देश की फिजा ही बदल दी। इसके बाद हुए चुनावों में इंदिरा गांधी की पार्टी ने प्रचंड बहुमत के साथ वापसी की। बाबा के इस आशीर्वाद को राजनीतिक गलियारों में 'सत्ता की कुंजी' माना जाने लगा था। न केवल इंदिरा गांधी, बल्कि अटल बिहारी वाजपेयी, राजीव गांधी, चरण सिंह और देश-विदेश के कई बड़े राजनेता बाबा के दर पर मार्गदर्शन और आशीर्वाद लेने आते थे। फिल्म निर्माताओं का कहना है कि पर्दे पर इस राजनीतिक और आध्यात्मिक मिलन के ऐतिहासिक दृश्यों को बेहद रोमांचक तरीके से दिखाया जाएगा।

सिनेमाई पर्दे पर आध्यात्मिक इतिहास को पुनर्जीवित करने की अनोखी पहल

फिल्म 'हनुमान अंश' की अपार सफलता के बाद निर्माताओं ने इस बात का बीड़ा उठाया है कि वे भारत की प्राचीन और प्रामाणिक संत परंपरा को आधुनिक पीढ़ी तक पहुंचाएंगे। आज की डिजिटल और भागदौड़ भरी जिंदगी में नई पीढ़ी को अपने सनातन इतिहास, योग साधना और संतों के योगदान से जोड़ने का यह बेहतरीन जरिया है। फिल्म में वीएफएक्स (VFX) और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके बाबा के चमत्कारों, उनके मचान के परिवेश और उस दौर के राजनीतिक परिदृश्य को बेहद प्रामाणिक रूप से दर्शाया जाएगा। फिल्म के जानकारों का मानना है कि जिस प्रकार संतों और धार्मिक विषयों पर आधारित फिल्मों को इन दिनों दर्शकों का अभूतपूर्व प्यार मिल रहा है, उससे 'मचान बाबा' पर बनने वाली यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड कायम करेगी और दर्शकों को अध्यात्म की एक गहरी और रहस्यमयी यात्रा पर ले जाएगी।