'अब कुछ नहीं कर सकते', Toxic के बॉक्स ऑफिस फेलियर पर छलका रॉकिंग स्टार यश का दर्द, जिगरी दोस्त को फोन पर बताई दिल की पूरी बात

'अब कुछ नहीं कर सकते', Toxic के बॉक्स ऑफिस फेलियर पर छलका रॉकिंग स्टार यश का दर्द, जिगरी दोस्त को फोन पर बताई दिल की पूरी बात

कन्नड़ सिनेमा से निकलकर पूरे देश के दिलों पर राज करने वाले पैन-इंडिया सुपरस्टार यश की मच-अवेटेड एक्शन थ्रिलर फिल्म टॉक्सिक सिनेमाघरों में दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। केजीएफ चैप्टर 1 और केजीएफ चैप्टर 2 के बाद दर्शक यश को एक बार फिर उसी धमाकेदार अवतार में देखने के लिए बेताब थे, मगर रिलीज के बाद से ही फिल्म को क्रिटिक्स और सिनेप्रेमियों से मिले-जुले और कई मायनों में नकारात्मक रिव्यू का सामना करना पड़ा। यश ने इस महत्वाकांक्षी सिनेमाई प्रोजेक्ट को साकार करने के लिए लगभग चार साल का लंबा समय और दिन-रात का कड़ा परिश्रम लगाया था। जब इतने बड़े स्तर पर बनाई गई भव्य फिल्म की कहानी दर्शकों के दिलों को छूने में नाकाम रही, तो इससे खुद अभिनेता को भी गहरा भावनात्मक आघात पहुंचा है। पर्दे पर चट्टान की तरह दिखने वाले रॉकिंग स्टार यश असल जिंदगी में अपनी इस बहुप्रतीक्षित फिल्म के असफल होने से भीतर तक आहत हैं।

टॉक्सिक के निराशाजनक प्रदर्शन पर दोस्त जयदेव मोहन से फोन पर छलका यश का दर्द

यश के सबसे करीबी दोस्तों में शुमार और मशहूर कन्नड़ अभिनेता जयदेव मोहन ने हाल ही में टॉक्सिक के अप्रत्याशित फेलियर पर खुलकर बात की है। जयदेव ने न केवल फिल्म के कन्नड़ डबिंग वर्जन में अपनी आवाज दी है, बल्कि वह प्रोजेक्ट की शुरुआत से ही यश के बेहद करीब रहे हैं। एक प्रमुख मीडिया संस्थान प्रजावाणी को दिए अपने खास इंटरव्यू में जयदेव ने उस भावुक बातचीत का खुलासा किया जो फिल्म की रिलीज के बाद उनके और यश के बीच फोन पर हुई थी। जयदेव ने साझा किया कि बॉक्स ऑफिस पर मिले ठंडे रिस्पॉन्स और चारों तरफ से आ रहे नकारात्मक रिव्यूज के बीच जब उन्होंने यश से संपर्क साधा, तो अभिनेता ने अपनी टूटन को छुपाने की पूरी कोशिश की, मगर उनकी आवाज में छिपा गहरा दर्द साफ बयां हो रहा था कि यह असफलता उन्हें कितना कचोट रही है।

'जनता का फैसला सिर आंखों पर, अब कुछ नहीं कर सकते'—यश की बेबसी

जयदेव मोहन के अनुसार, रिलीज के बाद काम के व्यस्त शेड्यूल की वजह से वह यश से व्यक्तिगत रूप से आमने-सामने नहीं मिल सके, लेकिन टेलीफोन पर दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई। जब जयदेव ने फिल्म को मिल रहे खराब रिस्पॉन्स पर चिंता जताई, तो यश ने एक सच्चे कलाकार और परिपक्व इंसान की तरह खुद को संभालते हुए कहा कि भाई, इसे ज्यादा दिल पर मत लगाओ, जो होना था वह हो चुका है। यश ने आगे कहा कि हमने पूरी ईमानदारी, लगन और अपनी जी-जान लगाकर इस सिनेमाई सफर को तैयार किया था, मगर अंततः यह फैसला जनता जनार्दन के हाथों में होता है। फिल्म अब दर्शकों के सामने आ चुकी है और सिनेमाघरों में चल रही है, ऐसे में हमारे हाथ में कुछ नहीं बचा है और हम अब कुछ भी नहीं बदल सकते। अगर दर्शकों को कहानी या हमारा अंदाज पसंद नहीं आया, तो हमें इस सच्चाई को स्वीकार करना ही होगा और इस पर ज्यादा सोच-विचार करके खुद को परेशान करने से कोई फायदा नहीं है।

आवाज में साफ महसूस हो रहा था चार साल की कड़ी मेहनत का दुख

जयदेव ने बातचीत के दौरान आगे बताया कि भले ही यश शब्दों से खुद को बेहद शांत और मजबूत दिखाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनकी आवाज का भारीपन और दर्द साफ सुना जा सकता था। किसी भी अभिनेता के लिए अपने करियर के चार बेशकीमती साल एक ही किरदार और कहानी को समर्पित कर देने के बाद ऐसा परिणाम देखना बेहद कष्टकारी होता है। केजीएफ 2 की ऐतिहासिक वैश्विक सफलता के बाद पूरी दुनिया की निगाहें टॉक्सिक पर टिकी थीं। यश ने इस फिल्म के प्री-प्रोडक्शन, स्टाइलिंग और एक्शन सीक्वेंसेज पर पानी की तरह पैसा और वक्त बहाया था। जब इतनी शिद्दत से तैयार किया गया प्रोजेक्ट खराब स्क्रीनप्ले और कमजोर कहानी के चलते सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और निगेटिव वर्ड-ऑफ-माउथ का शिकार हो गया, तो यश का टूट जाना स्वाभाविक था।

100 करोड़ की धमाकेदार ओपनिंग के बाद धड़ाम हुआ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

व्यापार विश्लेषकों की मानें तो टॉक्सिक ने अपने पहले दिन बंपर एडवांस बुकिंग के दम पर दुनियाभर में 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करके ऐतिहासिक शुरुआत दर्ज की थी। शुरुआती आंकड़े देखकर हर किसी को लगा कि रॉकिंग स्टार एक बार फिर कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर देंगे। हालांकि, पहले दिन के बाद जैसे ही आम दर्शकों के शुरुआती रिव्यूज बाहर आए, फिल्म का बॉक्स ऑफिस ग्राफ तेजी से नीचे गिरता चला गया। दूसरे दिन से ही सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई। कमजोर कहानी और बिखरे हुए निर्देशन के चलते फिल्म आने वाले दिनों में दोबारा संभलने में नाकाम रही। नतीजतन, कई हफ्तों के सफर के बाद भी टॉक्सिक का लाइफटाइम वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 350 करोड़ रुपये के आंकड़े को भी पार नहीं कर पाया, जो इस बजट की फिल्म के लिए बहुत बड़ा आर्थिक झटका साबित हुआ।

ओटीटी डील पर पड़ा बुरा असर, मेकर्स को उठाना पड़ा भारी नुकसान

बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित होने का सीधा असर फिल्म के डिजिटल राइट्स और ओटीटी स्ट्रीमिंग पर भी पड़ा है। ट्रेड गलियारों में चल रही खबरों के मुताबिक, सिनेमाघरों में कमजोर पकड़ के चलते ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने अपने तय सौदों में कटौती की मांग शुरू कर दी, जिसके चलते फिल्म के निर्माताओं को भारी वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं, डिस्ट्रीब्यूटर्स और सिंगल स्क्रीन थिएटर मालिकों को भी इस बड़े बजट की एक्शन ड्रामा से जो उम्मीदें थीं, वे पूरी तरह धराशायी हो गईं। सिनेमा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल भारी-भरकम एक्शन सीन्स और हीरो की स्वैग वाली एंट्री किसी फिल्म को ब्लॉकबस्टर नहीं बना सकती, जब तक कि उसमें भावनात्मक जुड़ाव और मजबूत पटकथा की नींव न हो।

दीवाली 2026 पर 'रामायण पार्ट-1' से होगी यश की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक वापसी

टॉक्सिक भले ही यश के सुनहरे फिल्मी सफर में एक बड़ा झटका साबित हुई हो, लेकिन उनके चाहने वालों को ज्यादा निराश होने की जरूरत नहीं है। यश बहुत जल्द भारतीय सिनेमा के इतिहास के सबसे भव्य और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'रामायण पार्ट-1' के जरिए बड़े पर्दे पर धमाकेदार वापसी करने जा रहे हैं। निर्देशक नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस एपिक माइथोलॉजिकल फिल्म में यश लंकापति रावण के बेहद शक्तिशाली और बहुआयामी किरदार को जीवंत करते हुए नजर आएंगे। यह महागाथा इसी साल 8 नवंबर 2026 को दीवाली के पावन अवसर पर दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज के लिए पूरी तरह से तैयार है। फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि रामायण में यश का यह पौराणिक और उग्र अवतार उनके करियर को एक बार फिर नई बुलंदियों पर पहुंचा देगा और टॉक्सिक की असफलता की कड़वाहट को पूरी तरह मिटा देगा।