'हुंकार: द रोर' का ट्रेलर रिलीज: ढोंगी 'बापजी' के कुकर्मों के खिलाफ अनीत पड्डा की जंग, फातिमा सना शेख का दिखा धाकड़ अंदाज
सिनेमा जगत में सामाजिक विसंगतियों और आस्था के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े पर चोट करने वाली कहानियों को हमेशा से दर्शकों का भरपूर समर्थन मिलता रहा है। इसी कड़ी में अब एक बेहद संवेदनशील और रोंगटे खड़े कर देने वाले विषय पर आधारित कोर्टरूम और इनवेस्टिगेटिव ड्रामा फिल्म 'हुंकार: द रोर' का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर आधिकारिक तौर पर रिलीज कर दिया गया है। फिल्म का ट्रेलर सामने आते ही डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा में आ गया है। इस फिल्म में युवा और प्रतिभाशाली अभिनेत्री अनीत पड्डा मुख्य किरदार मीनू रावत के रूप में नजर आ रही हैं, जो एक बेहद रसूखदार और समाज में भगवान का दर्जा पा चुके ढोंगी आध्यात्मिक गुरु 'बापजी' के शोषण तंत्र को उखाड़ फेंकने के लिए सीना तानकर खड़ी होती हैं। वहीं, बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा फातिमा सना शेख इस जंग में एक निडर और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अफसर के रूप में सिस्टम से टकराती दिखाई दे रही हैं।
आस्था के नाम पर घिनौने अपराध और मीनू रावत की हिम्मत भरी कानूनी लड़ाई
फिल्म 'हुंकार: द रोर' की कहानी एक ऐसी लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जो उस आध्यात्मिक माफिया से टकराने की हिम्मत जुटाती है, जिसके आगे देश की बड़ी-बड़ी हस्तियां और सरकारी तंत्र नतमस्तक रहता है। ट्रेलर की शुरुआत बेहद प्रभावशाली और झकझोर देने वाले दृश्य से होती है, जहां मीनू रावत (अनीत पड्डा) भारी मन लेकिन अडिग हौसले के साथ स्थानीय पुलिस स्टेशन में कदम रखती है। वह किसी आम अपराधी के खिलाफ नहीं, बल्कि लाखों-करोड़ों भक्तों के पूजनीय 'बापजी' (रघुबीर यादव) के खिलाफ गंभीर शारीरिक दुर्व्यवहार और शोषण की आधिकारिक शिकायत दर्ज कराने पहुंचती है। समाज में बापजी को एक संत, मार्गदर्शक और साक्षात ईश्वर का अवतार माना जाता है, इसलिए जैसे ही मीनू यह आरोप लगाती है, थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों से लेकर बाहर खड़े समाज तक, कोई भी एक पल के लिए भी उसकी बात पर यकीन करने को तैयार नहीं होता है।
'विक्टिम शेमिंग' का दर्दनाक सच: जब परिवार और समाज ने उठाए चरित्र पर सवाल
ट्रेलर में समाज के उस क्रूर और दोहरे चेहरे को भी बड़ी बेबाकी से उजागर किया गया है, जिसे आज की भाषा में 'विक्टिम शेमिंग' कहा जाता है। हमारे समाज में जब भी कोई कमजोर महिला किसी बाहुबली या रसूखदार शख्सियत के खिलाफ आवाज बुलंद करती है, तो सबसे पहले उसी के चरित्र को तार-तार किया जाता है। फिल्म में दिखाया गया है कि पुलिस, मीडिया और पड़ोसी न्याय दिलाने की जगह मीनू के पहनावे, उसके चाल-चलन और उसके अतीत पर उंगलियां उठाने लगते हैं। इतना ही नहीं, मानसिक वेदना की पराकाष्ठा तब देखने को मिलती है जब मीनू के अपने सगे पिता भी उसके इरादों पर शक करने लगते हैं। पिता का मानना है कि उनकी बेटी का हाव-भाव किसी आम पीड़िता की तरह डरा-सहमा और रोने-धोने वाला नहीं है, इसलिए समाज में बदनामी के डर से वे भी उसके इस कदम का विरोध करते दिखाई देते हैं। यह दृश्य दिखाता है कि अपने ही घर में न्याय की लड़ाई कितनी अकेली हो जाती है।
एसीपी जसलीन सिंह सोनी के रूप में फातिमा सना शेख की सिस्टम से सीधी टक्कर
इस अंधेरी और असमान लड़ाई के बीच न्याय की मशाल बनकर उभरती हैं तेजतर्रार पुलिस अधिकारी एसीपी जसलीन सिंह सोनी, जिनका सशक्त किरदार फातिमा सना शेख ने निभाया है। ट्रेलर में जसलीन एक ऐसी ईमानदार अफसर के रूप में नजर आती हैं जो किसी भी राजनीतिक दबाव या आध्यात्मिक आभामंडल के आगे झुकने से साफ इनकार कर देती हैं। जब पूरी व्यवस्था मामले को दबाने और बापजी को बेदाग साबित करने में जुटी होती है, तब जसलीन आरोपों की तह तक जाने का बीड़ा उठाती हैं। इस दौरान उन्हें बापजी के आपराधिक खानदान, उनके अंधभक्तों और सत्ताधारी गलियारों से खुलेआम धमकियां मिलती हैं। उनका तबादला कराने और जान से मारने की धमकियां दी जाती हैं, लेकिन खाकी वर्दी की गरिमा को बनाए रखते हुए जसलीन अडिग रहती हैं और बापजी के साम्राज्य को खुली चुनौती देती हैं।
राम कपूर बनाम मोहम्मद जीशान अय्यूब: कोर्टरूम में दो कानूनी दिग्गजों की दहाड़
फिल्म में अदालती बहस और कानूनी दांव-पेंच इस ड्रामे को एक अलग ही स्तर पर ले जाते हैं। फिल्म में मोहम्मद जीशान अय्यूब ने मीनू के वकील की भूमिका निभाई है, जो तमाम सामाजिक बहिष्कारों और खतरों के बावजूद सच्चाई की तरफदारी करने के लिए अदालत में खड़े होते हैं। वहीं, दूसरी तरफ बापजी का बचाव करने के लिए एक बेहद महंगे, शातिर और हाई-प्रोफाइल डिफेंस लॉयर के किरदार में जाने-माने अभिनेता राम कपूर नजर आते हैं। ट्रेलर में दोनों दिग्गज कलाकारों के बीच तीखी कानूनी जिरह, संविधान के अनुच्छेदों का टकराव और तर्कों का युद्ध देखने को मिलता है। इसके अलावा, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता अर्जुन माथुर एक साहसी खोजी टेलीविजन पत्रकार की भूमिका में हैं, जो स्क्रीन के पीछे रहकर बापजी के आश्रम के काले कारनामों, अज्ञात संपत्तियों और गुमशुदा लोगों के राज से पर्दा उठाने में जुट जाता है।
'सैयारा' फेम अनीत पड्डा की शानदार अदाकारी, बेहतरीन निर्देशन और रिलीज तारीख
फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रहीं अनीत पड्डा ने 'सैयारा' से मिली व्यापक सराहना से पहले ही इस जटिल वेब शो 'हुंकार' की शूटिंग पूरी कर ली थी, और ट्रेलर में उनके चेहरे के भाव व संवाद अदायगी उनकी परिपक्व अभिनय क्षमता को साबित करते हैं। इस सशक्त सिनेमाई कृति का सह-निर्देशन करण डी कपाडिया, चर्चित फिल्मकार नित्या मेहरा और हीराज मरफतिया ने मिलकर किया है, जबकि इसका निर्माण भी करण डी कपाडिया और नित्या मेहरा के बैनर तले हुआ है। बेहतरीन सिनेमैटोग्राफी और गंभीर बैकग्राउंड स्कोर से सजी यह कोर्टरूम थ्रिलर फिल्म 25 सितंबर 2026 को प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार (Jio Hotstar) पर सीधे स्ट्रीम होने जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।