34 साल बाद भी 'धक-धक' का जादू कायम: भजन क्वीन की आवाज और सरोज खान की शर्त से बना माधुरी दीक्षित का सबसे बोल्ड गाना

34 साल बाद भी 'धक-धक' का जादू कायम: भजन क्वीन की आवाज और सरोज खान की शर्त से बना माधुरी दीक्षित का सबसे बोल्ड गाना

हिंदी सिनेमा की 'डांसिंग क्वीन' माधुरी दीक्षित के करियर में कई ऐसे गाने हैं जिन्होंने उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया, लेकिन 'धक-धक करने लगा' का रुतबा आज भी सबसे अलग है। साल 1992 में आई अनिल कपूर की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'बेटा' का यह गाना न केवल उस दौर का सबसे बोल्ड और सुपरहिट ट्रैक साबित हुआ, बल्कि आज भी शादियों और पार्टियों की रौनक बना हुआ है। 34 साल बाद भी यह गाना एक 'कल्ट क्लासिक' के रूप में अपनी जगह बनाए हुए है, जिसके पीछे की कहानी जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।

भजन गाने वाली सिंगर ने दी थी 'बोल्ड' गाने को आवाज

इस गाने की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे अपनी सुरीली आवाज से संवारा है अनुराधा पौडवाल ने, जो मुख्य रूप से अपने भक्ति गीतों और भजनों के लिए जानी जाती हैं। अनुराधा पौडवाल और उदित नारायण की जुगलबंदी और आनंद-मिलिंद के बेहतरीन संगीत ने मिलकर एक ऐसा जादू पैदा किया जिसे समीर के शब्दों ने अमर बना दिया। यह एक सुखद आश्चर्य है कि जिस आवाज ने लाखों लोगों को ईश्वर की भक्ति में लीन किया, उसी आवाज ने माधुरी दीक्षित के सबसे बोल्ड अवतार को भी उतनी ही खूबसूरती से परदे पर जीवंत किया।

लास्ट मिनट पर हुआ था एड, सरोज खान की थी सख्त शर्त

हैरानी की बात यह है कि यह सुपरहिट गाना मूल फिल्म 'बेटा' का हिस्सा ही नहीं था। माधुरी दीक्षित ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि फिल्म रिलीज के ठीक पहले मेकर्स ने इसे लास्ट मिनट पर शामिल करने का फैसला लिया था। माधुरी अपने दूसरे प्रोजेक्ट्स में व्यस्त थीं, ऐसे में उनके पास समय की भारी कमी थी। इस चुनौती भरे समय में मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान ने फिल्म के डायरेक्टर इंदर कुमार के सामने एक सख्त शर्त रखी थी। सरोज खान ने कहा था कि अगर वे एक टेक में ओके बोल दें, तो डायरेक्टर दोबारा शूटिंग (वन मोर) के लिए नहीं कहेंगे।

तीन रातों का संघर्ष और 'धड़कनें' बढ़ाने वाली परफॉर्मेंस

समय की कमी और दबाव के बावजूद, यह पूरा गाना महज तीन रातों के अंदर शूट किया गया था। सेट पर मटके हटाने से लेकर पेंटिंग और लाइटिंग तक में आधा दिन बर्बाद हो गया था, जिसके बाद पूरी टीम ने बिना किसी रुकावट के 'कैमरा, साउंड, एक्शन और कट' के साथ काम को अंजाम दिया। बिना किसी अतिरिक्त रीटेक के, सरोज खान के बेहतरीन निर्देशन और माधुरी दीक्षित के करिश्माई डांस ने इस गाने को भारतीय सिनेमा के इतिहास का सबसे आइकॉनिक 'धक-धक' मूवमेंट बना दिया। आज 34 साल बाद भी जब यह गाना बजता है, तो माधुरी की वो अदाएं और अनुराधा पौडवाल की वो जादुई आवाज हर उम्र के लोगों को थिरकने पर मजबूर कर देती है।

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