तारे जमीन पर के 19 साल बाद दर्शील सफारी का बड़ा खुलासा कुत्तों वाले सीन में रुक गई थीं सांसें
साल 2007 में आई आमिर खान और दर्शील सफारी की फिल्म 'तारे जमीन पर' (Taare Zameen Par) भारतीय सिनेमा इतिहास की सबसे बेहतरीन और ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शुमार है। फिल्म में 'ईशान अवस्थी' का किरदार निभाकर घर-घर में मशहूर हुए दर्शील सफारी ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपनी मासूम एक्टिंग से सबका दिल जीत लिया था। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में दर्शील ने फिल्म की शूटिंग से जुड़े कई बेहद दिलचस्प और अनसुने किस्से साझा किए हैं। उन्होंने उन सीन्स का भी जिक्र किया जो उनके दिल के बेहद करीब हैं और यह भी बताया कि किस सीन को करते समय डर के मारे उनकी हालत खराब हो गई थी।
आमिर खान ने दी थी पहली 'एक्शन टिप': "चोट तो लगनी ही है..."
दर्शील सफारी ने आमिर खान के साथ काम करने का अपना अद्भुत तजुर्बा साझा करते हुए बताया कि पूरी फिल्म ही उनके लिए एक खूबसूरत याद जैसी है। उन्होंने फिल्म के उस मशहूर सीन को याद किया जहां उनके हाथ में जलता हुआ पटाखा रहता है।
दर्शील ने बताया, "वह बहुत कमाल का सीन था। उसी दौरान मैंने अपनी जिंदगी में पहली बार किसी एक्शन डायरेक्टर से बात की थी। मैं और आमिर सर साथ बैठे थे, तब आमिर सर ने मुझे बहुत अच्छे से एक्शन सीन की बारीकी समझाई थी। उन्होंने मुझसे कहा था— 'एक्शन सीन में ना, एक चीज हमेशा याद रखना। कोई भी एक्शन सीन कभी 100% इंजरी प्रूफ नहीं होता। हम सुरक्षा के सारे इंतजाम रखते हैं, लेकिन छोटी-मोटी चोट (Injury) तो लगनी ही है। इसलिए अपने दिमाग से यह डर पूरी तरह निकाल दो कि तुम्हें कुछ लगेगा नहीं।'"
दर्शील ने आगे बताया कि इस सलाह के बाद उनके मन से डर निकल गया, हालांकि शूटिंग के बाद वह अक्सर खुद चेक करते थे कि कहीं कोई खरोंच तो नहीं आई है।
कुत्तों वाले सीन में थम गई थीं सांसें: "धड़कन चेक करते तो पता चलता"
इंटरव्यू के दौरान दर्शील ने उस सीन का भी खुलासा किया, जिसे करते समय डर के मारे उनकी हालत पतली हो गई थी। उन्होंने बताया, "बचपन में मुझे कुत्तों (Dogs) से बहुत ज्यादा डर लगता था। फिल्म के एक सीन में सिर्फ एक नहीं, बल्कि दो-तीन कुत्ते शामिल थे। क्रू ने मुझसे कहा कि एक कुत्ता आकर तुम्हारी गोद में लेटेगा। उस वक्त डर के मारे मेरी क्या हालत थी, अगर कोई मेरी धड़कन चेक करता तो समझ पाता।"
दर्शील ने आगे कहा कि उनका यह डर आमिर खान की वजह से दूर हुआ। उन्होंने बताया, "आमिर सर डॉग्स के साथ इतने ज्यादा कम्फर्टेबल और सहज थे कि उन्हें देखकर मेरा डर गायब हो जाता था और मेरा दिमाग घूम जाता था कि यह कितना आसान है। फिर धीरे-धीरे मैं भी उस सीन को करने में कम्फर्टेबल हो गया।"
पेरेंट्स नहीं चाहते थे दर्शील करें फिल्म, प्रिंसिपल की सलाह पर बनी बात
इस बातचीत में दर्शील ने एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उनके माता-पिता शुरुआत में बिल्कुल नहीं चाहते थे कि वह इस फिल्म में काम करें। दर्शील के पिता का पूरा ध्यान उनकी पढ़ाई-लिखाई पर था और वह नहीं चाहते थे कि एक्टिंग के चक्कर में बेटे की स्कूलिंग खराब हो।
फिल्म साइन करने से पहले दर्शील के पिता काफी कशमकश में थे, जिसके बाद उन्होंने दर्शील के स्कूल के प्रिंसिपल से इस बारे में खास सलाह ली। प्रिंसिपल से हरी झंडी मिलने और आश्वासन मिलने के बाद ही परिवार ने दर्शील को फिल्म 'तारे जमीन पर' में काम करने की इजाजत दी, जिसने आगे चलकर इतिहास रच दिया