राज कपूर से इस कदर नाराज थे बेटे राजीव कपूर कि पिता के अंतिम संस्कार में भी नहीं गए, एक हीरोइन की वजह से तबाह हुआ था करियर
बॉलीवुड के 'शोमैन' राज कपूर (Raj Kapoor) का परिवार भारतीय सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित घराना माना जाता है। उनके तीनों बेटों—रणधीर कपूर, ऋषि कपूर और राजीव कपूर—ने फिल्मों में अपनी किस्मत आजमाई। जहां ऋषि कपूर और रणधीर कपूर ने इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई, वहीं सबसे छोटे बेटे राजीव कपूर (Raj Kapoor Youngest Son Rajiv Kapoor) का फिल्मी सफर उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं रहा। राजीव कपूर की असफलता ने पिता और बेटे के रिश्ते में इस कदर खटास पैदा कर दी थी कि रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह अपने पिता के अंतिम संस्कार तक में शामिल नहीं हुए थे। इस खटास की जड़ें एक अभिनेत्री और एक सुपरहिट फिल्म से जुड़ी हुई थीं।
'राम तेरी गंगा मैली' फिल्म और मंदाकिनी से नाराजगी
राजीव कपूर ने साल 1983 में फिल्म 'एक जान हैं हम' से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद राज कपूर ने अपने बेटे के डूबते करियर को संभालने के लिए साल 1985 में कल्ट क्लासिक फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' (Ram Teri Ganga Maili) बनाई, जिसमें उन्होंने मंदाकिनी को लॉन्च किया। राजीव को उम्मीद थी कि इस फिल्म से उनका स्टारडम चमक उठेगा, लेकिन हुआ इसके उलट। फिल्म की पूरी लाइमलाइट नई अभिनेत्री मंदाकिनी और खुद राज कपूर के निर्देशन ने बटोर ली, जबकि राजीव कपूर पर्दे पर फीके पड़ गए।
इस बात से राजीव कपूर अपने पिता से बेहद खफा हो गए और उन्हें अपनी असफलता का जिम्मेदार राज कपूर को ठहराया। कहा जाता है कि इस फिल्म के बाद पिता-पुत्र के बीच तल्खाइयां इतनी बढ़ गईं कि दोनों के रिश्ते में गहरी दरार आ गई। इंडस्ट्री के गलियारों में यहां तक चर्चा रही कि इसी नाराजगी और कड़वाहट के चलते राजीव कपूर अपने पिता राज कपूर के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुए थे।
असफल शादी, अकेलापन और 58 की उम्र में निधन
फिल्मी दुनिया में असफल रहने के अलावा राजीव कपूर की व्यक्तिगत जिंदगी भी काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। साल 2001 में उन्होंने आर्किटेक्ट आरती सभरवाल से शादी की, लेकिन आपसी अनबन के चलते यह रिश्ता महज दो साल यानी 2003 में ही तलाक पर आकर खत्म हो गया। पत्नी से अलग होने के बाद वह पुणे में अकेले रहने लगे और रिपोर्ट्स के मुताबिक अत्यधिक शराब की लत के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बाद में वह मुंबई लौट आए और अपने भाई रणधीर कपूर के साथ चेंबूर वाले घर में रहने लगे। जिंदगीभर अकेलेपन और उपेक्षा का दर्द झेलने वाले राजीव कपूर का 9 फरवरी 2021 को महज 58 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने (Heart Attack) से निधन हो गया। उनके जाने के बाद साल 2022 में उनकी आखिरी फिल्म 'टूल्सिडास जूनियर' रिलीज हुई थी, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा था।