थूक जिहाद पर भड़के विधायक टी राजा सिंह, चारधाम यात्रा को लेकर कर दी बड़ी मांग,बोले-यहाँ सिर्फ सनातनियों को ही मिले इजाजत
News India Live, Digital Desk: उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा को लेकर एक बार फिर विवादित बयानों का दौर शुरू हो गया है। हैदराबाद के चर्चित और फायरब्रांड विधायक टी राजा सिंह ने एक वीडियो संदेश जारी कर 'थूक जिहाद' और 'बिजनेस जिहाद' जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक ने सीधे तौर पर मांग की है कि देवभूमि की पवित्रता बनाए रखने के लिए चारधाम यात्रा मार्ग पर गैर-हिंदुओं के व्यापार करने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी जानी चाहिए। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस छिड़ गई है।
क्या है 'थूक जिहाद' का पूरा विवाद?
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें कथित तौर पर खाने-पीने की चीजों में थूकने की घटनाएं सामने आई थीं। इन्हीं घटनाओं का हवाला देते हुए टी राजा सिंह ने कहा कि चारधाम यात्रा हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और यहाँ इस तरह की हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि एक खास साजिश के तहत हिंदुओं की आस्था को चोट पहुँचाने और उन्हें अशुद्ध करने की कोशिश की जा रही है, जिसे उन्होंने 'थूक जिहाद' का नाम दिया है।
'बिजनेस जिहाद' पर उठाए सवाल
विधायक टी राजा सिंह यहीं नहीं रुके, उन्होंने 'बिजनेस जिहाद' का मुद्दा उठाते हुए कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग पर जो भी दुकानें या ढाबे हैं, उनका संचालन केवल सनातन धर्म को मानने वाले लोगों के हाथ में होना चाहिए। उनका तर्क है कि बाहरी और गैर-सनातनी लोग आर्थिक लाभ के लिए वहां आते हैं लेकिन उनकी आस्था उस स्थान से नहीं जुड़ी होती। उन्होंने उत्तराखंड सरकार से मांग की है कि यात्रा मार्ग पर काम करने वाले सभी सेवादारों और दुकानदारों का कड़ाई से सत्यापन (Verification) किया जाए।
सरकार और प्रशासन की भूमिका पर जोर
विधायक ने अपने बयान में कहा कि उत्तराखंड 'देवभूमि' है और इसकी सुरक्षा व पवित्रता की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आग्रह किया कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और यह सुनिश्चित करें कि चारधाम में केवल वही लोग व्यापार करें जो हिंदू धर्म की मान्यताओं का सम्मान करते हैं। टी राजा के मुताबिक, अगर ऐसा नहीं किया गया तो भविष्य में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आस्था दोनों खतरे में पड़ सकती है।
बढ़ सकता है राजनीतिक तनाव
टी राजा सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब चारधाम यात्रा अपने चरम पर है और सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अलर्ट पर हैं। विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों ने इस बयान को नफरत फैलाने वाला करार दिया है, जबकि कई हिंदू संगठन टी राजा की मांगों का समर्थन कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि उत्तराखंड प्रशासन इस संवेदशनील मामले पर क्या रुख अपनाता है।