Energy Shock: कतर ने रोका LNG उत्पादन पेट्रोनेट और गेल के शेयर 12% तक लुढ़के जानें 6 कंपनियों की हालत और आपकी जेब पर क्या होगा असर

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News India Live, Digital Desk : मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल युद्ध के बीच कतर की सरकारी कंपनी 'कतरएनर्जी' (QatarEnergy) ने अपने मुख्य प्लांटों पर ड्रोन हमलों के बाद उत्पादन बंद कर दिया है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 40% से 45% LNG कतर से आयात करता है। सप्लाई रुकने की खबर आते ही आज सुबह बाजार खुलते ही गैस सेक्टर के शेयरों में बिकवाली की आंधी आ गई।

1. इन 6 कंपनियों के शेयरों में मची सबसे ज्यादा भगदड़ (Top Losers)

बाजार में आज जिन 6 मुख्य कंपनियों के शेयर 5% से 12% तक टूटे हैं, उनकी सूची नीचे दी गई है:

कंपनी का नामशेयर में गिरावट (लगभग)मुख्य कारण
Petronet LNG9% - 12%कतर से सबसे ज्यादा लॉन्ग-टर्म सप्लाई एग्रीमेंट इसी के पास है।
GAIL (India)5% - 7%गैस सप्लाई में कटौती से इसके ट्रेडिंग वॉल्यूम पर असर पड़ा है।
Gujarat Gas6% - 8%इंडस्ट्रियल सप्लाई में 10-30% की कटौती की आशंका।
GSPL5% - 6%गैस ट्रांसमिशन वॉल्यूम घटने की चिंता।
Indraprastha Gas (IGL)4% - 5%इनपुट कॉस्ट बढ़ने से मार्जिन पर दबाव।
Adani Total Gas4%सप्लाई चेन में व्यवधान और ग्लोबल गैस कीमतों में उछाल।

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2. 'फोर्स मेज्योर' क्या है और इसका असर क्यों हो रहा है? (Force Majeure Impact)

कतर ने 'फोर्स मेज्योर' घोषित किया है, जिसका अर्थ है कि वह युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण अपने कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार गैस सप्लाई करने की कानूनी बाध्यता से मुक्त है।

स्पॉट मार्केट में आग: लॉन्ग-टर्म सप्लाई रुकने से भारतीय कंपनियों को अब 'स्पॉट मार्केट' से गैस खरीदनी पड़ रही है, जहाँ कीमतें $25 per mmBtu तक पहुँच गई हैं—यह सामान्य रेट से लगभग दोगुनी है।

होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): ईरान द्वारा इस मार्ग को बंद करने की धमकी से बीमा और शिपिंग लागत (Freight Cost) भी 3 गुना बढ़ गई है।

3. उद्योगों पर संकट: 10% से 40% तक की कटौती (Industrial Cuts)

पेट्रोनेट और गेल ने पहले ही अपने इंडस्ट्रियल ग्राहकों को आगाह कर दिया है:

सप्लाई कट: उर्वरक (Fertilizer), स्टील और बिजली उत्पादन इकाइयों को मिलने वाली गैस में 10% से 40% तक की कटौती शुरू कर दी गई है।

प्राथमिकता: वर्तमान में बची हुई गैस को केवल CNG (वाहनों के लिए) और PNG (घरेलू रसोई के लिए) के लिए सुरक्षित रखा जा रहा है।

4. विशेषज्ञों की राय: क्या ये गिरावट और बढ़ेगी? (Expert View)

ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि कतर का उत्पादन एक हफ्ते से ज्यादा बंद रहता है, तो भारत में महंगाई दर (Inflation) बढ़ सकती है। हालांकि, भारत के पास 2-3 हफ्तों का रिजर्व है, लेकिन अनिश्चितता के चलते बाजार में डर का माहौल बना रहेगा।