NEET Result Row: छात्रा आर्या के '609 से 167 अंक' वाले खुलासे ने बढ़ाई सरकार की टेंशन, मानसून सत्र में NTA को घेरने के लिए विपक्ष ने तैयार किया महाप्लान

NEET Result Row: छात्रा आर्या के '609 से 167 अंक' वाले खुलासे ने बढ़ाई सरकार की टेंशन, मानसून सत्र में NTA को घेरने के लिए विपक्ष ने तैयार किया महाप्लान

नई दिल्ली/लखनऊ। चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) के नतीजों को लेकर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट में सामने आया छात्रा आर्या (Student Arya) का मामला—जिसमें ओएमआर शीट सुधार (OMR Correction) के बाद उसका स्कोर 609 से घटकर सीधे 167 अंक रह गया—अब एक बड़ा राजनीतिक हथियार बन चुका है। सोमवार, 20 जुलाई 2026 से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र (Parliament Monsoon Session) से ठीक पहले इस खुलासे ने दिल्ली की सियासी गलियारों में भारी हड़कंप मचा दिया है। कांग्रेस की अगुवाई वाले विपक्षी गठबंधन 'इंडिया ब्लॉक' (INDIA Block) ने इस व्यक्तिगत मामले को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ढांचागत नाकामी का सबसे बड़ा सबूत मानते हुए संसद के दोनों सदनों में सरकार को चौतरफा घेरने का चक्रव्यूह तैयार कर लिया है।

आर्या का मामला बना विपक्ष का ब्रह्मास्त्र, संसद में उठेंगे 3 तीखे सवाल

सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई सहित विपक्ष के कई दिग्गज नेताओं ने संकेत दे दिए हैं कि नीट परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ियां और पेपर लीक (NEET Paper Leak) इस सत्र का सबसे केंद्रीय मुद्दा रहने वाला है। विपक्षी रणनीतिकारों के मुताबिक, सदन के भीतर सरकार से मुख्य रूप से इन तीन बिंदुओं पर जवाब मांगा जाएगा:

  1. मूल्यांकन प्रणाली में पारदर्शिता: छात्रा आर्या के अंकों में आई 442 नंबरों की अप्रत्याशित गिरावट का हवाला देकर विपक्ष एनटीए के डिजिटल और ओएमआर मूल्यांकन सॉफ्टवेयर की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करेगा।

  2. लाखों छात्रों का मानसिक तनाव: परीक्षा प्रणाली की इन तकनीकी खामियों के चलते डिप्रेशन और मानसिक तनाव झेल रहे देश के 24 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य की नैतिक जिम्मेदारी किसकी है, इस पर सरकार को घेरा जाएगा।

  3. एनटीए (NTA) को भंग करने की मांग: विपक्ष इस बात पर अड़ा है कि जब तक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के कामकाज की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्च स्तरीय जांच नहीं होती और इसका पुनर्गठन नहीं होता, तब तक देश की परीक्षाओं की साख वापस नहीं लौट सकती।

मानसून सत्र के पहले दिन ही हंगामे के आसार, सरकार बैकफुट पर?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीट परीक्षा का यह नया मोड़ सरकार के लिए बड़ी सिरदर्दी साबित हो सकता है। सरकार ने मानसून सत्र के लिए जो 8 प्रमुख विधेयक सूचीबद्ध किए हैं, उन पर चर्चा कराने से पहले उसे विपक्ष के इस तीखे आक्रमण का सामना करना होगा। हालांकि, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से सदन में शांतिपूर्वक 'चर्चा' करने की अपील की है, लेकिन विपक्ष आर्या जैसे गंभीर मामलों पर कार्यस्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion) लाकर तुरंत चर्चा कराने की मांग पर अड़ सकता है।

अब देखना यह होगा कि परीक्षा नियामक संस्था एनटीए इस विशेष गड़बड़ी पर क्या तकनीकी सफाई पेश करती है और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय संसद के भीतर देश के आक्रोशित छात्रों और आक्रामक विपक्ष को कैसे शांत कर पाता है।

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