JEE Advanced 2026: फिजिक्स और केमिस्ट्री के सवालों ने छुड़ाए पसीने, एग्जाम पैटर्न में बड़े बदलाव से मिली राहत

JEE Advanced 2026: फिजिक्स और केमिस्ट्री के सवालों ने छुड़ाए पसीने, एग्जाम पैटर्न में बड़े बदलाव से मिली राहत

देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) में दाखिले का रास्ता तय करने वाली देश की सबसे कठिन परीक्षा 'संयुक्त प्रवेश परीक्षा-एडवांस्ड' (JEE Advanced 2026) रविवार को देश भर में सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर इस उच्च स्तरीय परीक्षा का आयोजन पूरी तरह ऑनलाइन (CBT Mode) किया गया था। दो अलग-अलग पालियों (Shifts) में आयोजित हुई इस परीक्षा के दौरान किसी भी केंद्र से तकनीकी खराबी या अव्यवस्था की कोई शिकायत सामने नहीं आई और पूरी चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

आपको बता दें कि इस परीक्षा में केवल वही चुनिंदा अभ्यर्थी शामिल होने के पात्र थे, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित हुई जेईई मेन (JEE Main) परीक्षा में अपनी-अपनी कैटेगरी के तहत निर्धारित कट-ऑफ अंक हासिल कर शीर्ष स्थान बनाया था।

कैसा रहा पेपर का स्तर? फिजिक्स-केमिस्ट्री ने उलझाया, गणित ने बचाया

परीक्षा देकर केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली है। अधिकांश छात्रों ने फिजिक्स और केमिस्ट्री के सवालों को काफी कठिन, वैचारिक (Conceptual) और लंबा (Calculative) बताया। अभ्यर्थियों के फीडबैक के मुताबिक, सुबह की पहली पाली (Paper 1) की परीक्षा, दोपहर के बाद हुई दूसरी पाली (Paper 2) की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण थी।

विशेष रूप से दूसरी पाली में फिजिक्स के प्रश्नों का स्तर बेहद कठिन और पेचीदा रखा गया था, जिन्हें तय समय में हल करने में अच्छे-अच्छे मेधावी छात्रों के पसीने छूट गए। वहीं, केमिस्ट्री विषय के पेपर में इस बार आर्गेनिक और फिजिकल केमिस्ट्री से जुड़े सवालों ने अभ्यर्थियों की उलझन को काफी बढ़ा दिया। जहां एक ओर फिजिक्स और केमिस्ट्री छात्रों का कड़ा इम्तिहान ले रहे थे, वहीं गणित (Mathematics) के सवाल दोनों ही पालियों में काफी अच्छे और संतुलित रहे। गणित के आसान और सीधे फॉर्मूला बेस्ड सवालों के कारण छात्रों को अपना ओवरऑल स्कोर बेहतर करने का अच्छा मौका मिल गया।

एग्जाम पैटर्न में बड़ा बदलाव: निगेटिव मार्किंग घटने से चेहरे खिले

इस वर्ष जेईई एडवांस की परीक्षा में शामिल हुए छात्रों को परीक्षा पैटर्न और मार्किंग स्कीम में एक बेहद महत्वपूर्ण और सकारात्मक बदलाव देखने को मिला। परीक्षा के नए नियमों के तहत, एक से अधिक सही उत्तर वाले बहु-विकल्पीय प्रश्नों (Multiple Correct Options - MCQ) में गलत जवाब देने पर अब केवल एक अंक की निगेटिव मार्किंग (

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Mark) तय की गई थी।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष तक ऐसे कठिन प्रश्नों में गलत उत्तर देने पर दो अंकों की भारी निगेटिव मार्किंग (

$$-2$$

Marks) का प्रावधान था। आयोग के इस फैसले का छात्रों ने दिल से स्वागत किया है और इसे अपने लिए एक बड़ी राहत की बात बताई है, क्योंकि इससे छात्र अब अधिक आत्मविश्वास के साथ प्रश्नों को हल कर सके।

क्या कहते हैं परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी?

परीक्षा केंद्र से बाहर आए अभ्यर्थी सुमेर कुमार ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया, "पहली पाली का पेपर काफी हद तक संतुलित था, लेकिन दूसरी पाली में आते ही फिजिक्स के सवालों ने बहुत ज्यादा कैलकुलेशन करवाकर उलझा दिया। हालांकि, हमारे लिए अच्छी बात यह रही कि गणित विषय के सवाल काफी आसान थे, जिससे पूरा प्रश्नपत्र संभालना थोड़ा आसान हो गया और स्कोरिंग में मदद मिलेगी।"

वहीं एक अन्य अभ्यर्थी आर्यन मिश्र ने बताया, "केमिस्ट्री के सेक्शन में आर्गेनिक केमिस्ट्री के प्रश्न सामान्य से काफी ज्यादा कठिन और गहरे पूछे गए थे। इसकी वजह से पेपर हल करने में टाइम मैनेजमेंट की थोड़ी दिक्कतें जरूर आईं, लेकिन कुल मिलाकर मेरे दोनों पेपर अच्छे हुए हैं। निगेटिव मार्किंग कम होने का भी फायदा मिलेगा। मुझे पूरी उम्मीद है कि इस बार मुझे मेरी पसंदीदा आईआईटी (IIT) में प्रवेश मिल जाएगा।" परीक्षा समाप्त होने के बाद अब छात्रों को इसकी आधिकारिक आंसर-की (Official Answer Key) और नतीजों का बेसब्री से इंतजार है।

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