ISB25 Scholars Programme: आईएसबी देगा हर साल 250 स्कॉलरशिप, फीस में 100% तक छूट; जानिए पात्रता और आवेदन की पूरी प्रक्रिया
एशिया के शीर्ष बिजनेस स्कूलों में शुमार इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (Indian School of Business - ISB) ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक मील के पत्थर पर देश के प्रबंधन (मैनेजमेंट) जगत में अब तक की सबसे बड़ी छात्रवृत्ति पहलों में से एक की घोषणा की है। संस्थान ने आधिकारिक तौर पर 'ISB25 स्कॉलर्स प्रोग्राम' (ISB25 Scholars Programme) लॉन्च किया है। इस विशेष कार्यक्रम के तहत आईएसबी अपने प्रमुख फ्लैगशिप पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (PGP) के लिए हर साल 250 मेधावी, होनहार और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को वित्तीय सहायता और स्कॉलरशिप प्रदान करेगा। हैदराबाद और मोहाली स्थित आईएसबी कैंपसों में दी जाने वाली इस स्कॉलरशिप से देश भर के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए विश्वस्तरीय प्रबंधन शिक्षा के दरवाजे और अधिक सुलभ हो जाएंगे, जहां कई पात्र छात्रों को 100 प्रतिशत तक ट्यूशन फीस माफी (Full Tuition Waiver) का लाभ मिलेगा।
फीस में 100% तक छूट: उच्च प्रबंधन शिक्षा में वित्तीय बाधाएं होंगी दूर
आईएसबी का पीजीपी कोर्स अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्कृष्ट पाठ्यक्रम, वैश्विक फैकल्टी और रिकॉर्ड प्लेसमेंट के लिए विख्यात है। हालांकि, इसकी व्यापक शैक्षणिक लागत अक्सर मध्यमवर्गीय और ग्रामीण पृष्ठभूमि के प्रतिभाशाली छात्रों के लिए एक बड़ा वित्तीय दबाव बन जाती थी। आईएसबी प्रशासन के अनुसार, 'ISB25 स्कॉलर्स प्रोग्राम' का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मेधावी उम्मीदवार केवल वित्तीय सीमाओं के कारण वैश्विक स्तर की बिजनेस शिक्षा से वंचित न रहे। इस स्कॉलरशिप फ्रेमवर्क को दोहरे आधार पर तैयार किया गया है—मेरिट (योग्यता) और नीड (आर्थिक आवश्यकता)। चयनित छात्रों को उनकी प्रोफाइल, पिछले शैक्षणिक रिकॉर्ड, प्रवेश परीक्षा स्कोर और पारिवारिक आय की स्थिति के आधार पर 25%, 50%, 75% से लेकर पूरी 100% ट्यूशन फीस में छूट प्रदान की जाएगी, जो लाखों रुपये की सीधी बचत के बराबर है।
कौन होगा इस स्कॉलरशिप के लिए पात्र: योग्यता के प्रमुख मानक
आईएसबी25 स्कॉलर्स प्रोग्राम का लाभ पाने के लिए उम्मीदवारों को संस्थान के नियमित पीजीपी (PGP) प्रवेश मानकों को पूरा करने के साथ-साथ छात्रवृत्ति के विशिष्ट मानदंडों पर खरा उतरना होगा:
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शैक्षणिक और व्यावसायिक उत्कृष्टता: स्नातक (Graduation) स्तर पर मजबूत शैक्षणिक प्रदर्शन और न्यूनतम कार्य अनुभव (Work Experience) के दौरान हासिल की गई उल्लेखनीय पेशेवर उपलब्धियां।
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प्रतिस्पर्धी प्रवेश स्कोर: जीमैट (GMAT) या जीआरई (GRE) परीक्षा में उच्च पर्सेंटाइल स्कोर।
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आर्थिक पृष्ठभूमि (Need-based मानदंड): शत-प्रतिशत और उच्च स्तरीय ट्यूशन वेवर के लिए उम्मीदवार के परिवार की कुल वार्षिक आय और व्यक्तिगत वित्तीय निर्भरता का कड़ाई से मूल्यांकन किया जाएगा।
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विविधता और नेतृत्व क्षमता (Diversity & Leadership): पहली पीढ़ी के ग्रेजुएट्स, गैर-पारंपरिक करियर बैकग्राउंड, महिला प्रोफेशनल्स, सामाजिक क्षेत्र (NGOs/Social Enterprise) में काम कर चुके अभ्यर्थियों और टियर-2 व टियर-3 शहरों से आने वाले उम्मीदवारों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा।
आवेदन कैसे करें और चयन प्रक्रिया का चरणबद्ध प्रारूप
इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाई गई है। उम्मीदवारों को पीजीपी के नियमित एडमिशन साइकल के दौरान ही अपना दावा प्रस्तुत करना होगा:
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सबसे पहले आईएसबी के आधिकारिक प्रवेश पोर्टल isb.edu पर जाएं और पीजीपी एडमिशन के लिए अपना मुख्य एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
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आवेदन पत्र में दिए गए 'Financial Aid & Scholarships' सेक्शन में जाकर 'ISB25 Scholars Programme' के विकल्प को चुनें।
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छात्रवृत्ति के लिए आवश्यक 'Statement of Purpose' (SOP) लिखें, जिसमें अपनी वित्तीय चुनौतियों, भविष्य के नेतृत्व लक्ष्यों और इस स्कॉलरशिप के महत्व को स्पष्ट करें।
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नीड-बेस्ड सहायता के सत्यापन हेतु आय प्रमाण पत्र, पिछले तीन वर्षों का आईटीआर (ITR) और बैंक स्टेटमेंट अनिवार्य रूप से अपलोड करें।
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मुख्य प्रवेश साक्षात्कार (Personal Interview) के दौरान एक स्वतंत्र स्कॉलरशिप समिति उम्मीदवार के नेतृत्व गुणों, सामाजिक सोच और वित्तीय आवश्यकता का समग्र मूल्यांकन करेगी, जिसके बाद एडमिशन ऑफर के साथ ही स्कॉलरशिप का औपचारिक पत्र जारी किया जाएगा।
कॉरपोरेट एलुमनाई नेटवर्क और डोनर्स का मिला भारी सहयोग
आईएसबी के नेतृत्व के अनुसार, इस 250 स्कॉलरशिप्स के विशाल फंड को संस्थान के मजबूत पूर्व छात्र नेटवर्क (Alumni Network), कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) साझेदारों और परोपकारी दाताओं (Philanthropic Donors) के सक्रिय सहयोग से स्थापित किया गया है। संस्थान का लक्ष्य भविष्य में इस छात्रवृत्ति फंड को और बड़ा बनाना है ताकि भारत के साथ-साथ विकासशील देशों के प्रतिभाशाली लीडर्स भी यहां आकर अपनी क्षमता का पूर्ण विकास कर सकें। शिक्षा जगत के जानकारों का मानना है कि आईएसबी का यह कदम देश के अन्य प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों (जैसे आईआईएम और शीर्ष निजी विश्वविद्यालयों) को भी अपनी वित्तीय सहायता नीतियों को अधिक समावेशी और छात्र-हितैषी बनाने के लिए प्रेरित करेगा।