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CBSE 12वीं के री-इवैल्यूएशन ने पलट दिया पूरा खेल, अब आर्ट्स-कॉमर्स और साइंस के सभी टॉपर्स झारखंड से

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 12वीं के री-इवैल्यूएशन यानी कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन के नतीजों ने इस बार देश के पूरे शिक्षा जगत को हैरान कर दिया है। स्क्रूटनी और दोबारा जांच के बाद जो नए आंकड़े सामने आए हैं, उसने टॉपर्स की पुरानी लिस्ट को पूरी तरह से पलट कर रख दिया है। इस उलटफेर के बाद अब इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि सीबीएसई 12वीं के तीनों प्रमुख संकायों—आर्ट्स (मानविकी), कॉमर्स (वाणिज्य) और साइंस (विज्ञान) के नेशनल टॉपर्स एक ही राज्य से निकलकर सामने आए हैं, और वह राज्य कोई और नहीं बल्कि झारखंड है। झारखंड के होनहारों ने री-इवैल्यूएशन के बाद नंबरों की ऐसी छलांग लगाई है कि दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े शहरों के दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए देश की मेरिट लिस्ट में टॉप पर अपना कब्जा जमा लिया है।

पुनर्मूल्यांकन में बढ़े नंबर और रातों-रात बदल गई देश की मेरिट लिस्ट

सीबीएसई की मुख्य परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद कई मेधावी छात्र अपने मिले हुए नंबरों से संतुष्ट नहीं थे, जिसके बाद झारखंड के कई स्कूलों के विद्यार्थियों ने बोर्ड के नियमानुसार री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया था। कॉपियों की दोबारा बारीकी से हुई जांच और टोटलिंग की गलतियों को सुधारे जाने के बाद छात्रों के स्कोर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई। कुछ छात्रों के तो ३ से लेकर ५ नंबर तक बढ़ गए, जिसने नेशनल लेवल पर पूरा गणित ही बदल दिया। इस नंबर गेम के बाद मुख्य परीक्षा के दौरान टॉप टेन की रेस से बाहर या थोड़े पीछे रहे झारखंड के छात्र अब सीधे नंबर वन की कुर्सी पर जा बैठे हैं, जिससे राज्य के शिक्षण संस्थानों और परिवारों में जश्न का माहौल है।

आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस में झारखंड के सूरमाओं का जलवा

इस बार के नतीजों की सबसे खास बात यह रही कि किसी एक स्ट्रीम में नहीं, बल्कि तीनों संकायों में झारखंड का परचम लहराया है। साइंस स्ट्रीम में जहां रांची और बोकारो के छात्रों ने फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे कड़े विषयों में री-इवैल्यूएशन के बाद पूरे अंक हासिल किए हैं, वहीं कॉमर्स में जमशेदपुर और धनबाद के होनहारों ने अकाउंटेंसी और इकोनॉमिक्स में बाजी मारी है। आर्ट्स की बात करें तो इतिहास और राजनीति विज्ञान में बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर हजारीबाग और रांची की छात्राओं ने देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। यह अनूठा संयोग है कि किसी एक ही राज्य के छात्रों ने एक साथ तीनों स्ट्रीम में देशव्यापी प्रथम स्थान हासिल कर शिक्षा के क्षेत्र में झारखंड का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा दिया है।

बोर्ड की कॉपियों की चेकिंग पर उठे सवाल या छात्रों की असली मेहनत

इस अभूतपूर्व परिणाम के बाद जहां एक तरफ झारखंड के लिए यह बेहद गौरव का क्षण है, वहीं दूसरी तरफ सीबीएसई बोर्ड की शुरुआती कॉपी चेकिंग की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। शिक्षाविदों और अभिभावकों का कहना है कि अगर री-इवैल्यूएशन में इतने बड़े पैमाने पर नंबरों का अंतर आ रहा है, तो इसका मतलब है कि पहली बार में कॉपियों को ठीक से नहीं जांचा गया था। अगर ये छात्र दोबारा जांच के लिए आवेदन नहीं करते, तो उनकी असली प्रतिभा और देश के टॉपर्स बनने का सपना सिस्टम की लापरवाही के कारण हमेशा के लिए दफन हो जाता। हालांकि, इन सब विवादों के बीच झारखंड के इन नए टॉपर्स की कड़ी मेहनत और उनकी इस ऐतिहासिक सफलता की गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है।

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