Education News : नीट पीजी 2025 काउंसलिंग पर सस्पेंस, पारदर्शिता की अर्ज़ी पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
News India Live, Digital Desk: देश भर के हजारों युवा डॉक्टरों का भविष्य आज सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले पर टिका है. जो छात्र नीट पीजी 2025 की परीक्षा पास करके काउंसलिंग का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, उनकी धड़कनें बढ़ी हुई हैं, क्योंकि परीक्षा में पारदर्शिता की मांग को लेकर दायर एक याचिका पर आज शीर्ष अदालत में सुनवाई होनी है. इसी मामले के चलते अखिल भारतीय कोटे (AIQ) की काउंसलिंग रुकी हुई है, और जब तक कोर्ट से हरी झंडी नहीं मिल जाती, यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाएगी.
आखिर पूरा मामला क्या है और काउंसलिंग क्यों रुकी हुई है?
यह पूरा विवाद परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था, नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) द्वारा जारी की गई आंसर-की (उत्तर कुंजी) को लेकर है. परीक्षा देने वाले कई छात्रों का आरोप है कि बोर्ड ने पारदर्शिता नहीं बरती. उन्होंने असल सवालों के बजाय सिर्फ 'प्रश्न आईडी' जारी की, जिससे छात्रों के लिए यह समझना लगभग नामुमकिन हो गया कि उन्होंने किस सवाल का क्या जवाब दिया था और उसका सही जवाब क्या है.
छात्रों ने इसी प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. उनका कहना है कि यह तरीका पारदर्शी नहीं है और इससे रिजल्ट की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं. आज जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और के.वी. विश्वनाथन की बेंच इस महत्वपूर्ण मामले पर सुनवाई करेगी.
कब शुरू होगी काउंसलिंग?
सुप्रीम कोर्ट में मामला चलने की वजह से, मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) 50% अखिल भारतीय कोटे की सीटों के लिए काउंसलिंग का शेड्यूल जारी नहीं कर पा रही है. हर कोई आज की सुनवाई का इंतज़ार कर रहा है. उम्मीद है कि अदालत के फैसले के बाद स्थिति साफ़ होगी और MCC जल्द ही काउंसलिंग की तारीखों का ऐलान कर देगी.
इस अनिश्चितता के बीच, गुजरात, केरल और तमिलनाडु जैसे कुछ राज्यों ने अपने स्तर पर काउंसलिंग शुरू करके छात्रों की चिंता और बढ़ा दी है. हालांकि, देश भर की AIQ सीटों का आवंटन पूरी तरह से सुप्रीम कोर्ट के आज के फैसले पर ही निर्भर करेगा. अब सभी की निगाहें अदालत पर टिकी हैं, जिसके एक फैसले से इन हज़ारों भावी डॉक्टरों के करियर का रास्ता साफ़ होगा.