भारत के कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में घबराहट फैल गई। सबसे तेज झटका ओडिशा के पुरी के पास मंगलवार सुबह आया, जिसकी तीव्रता 5.1 मापी गई। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल के कोलकाता और अन्य इलाकों में भी हल्के झटके महसूस किए गए।
ओडिशा में 5.1 तीव्रता का भूकंप
- समय: सुबह 6:10 बजे
- केंद्र: बंगाल की खाड़ी, 91 किलोमीटर की गहराई
- अक्षांश-देशांतर: 19.52°N, 88.55°E
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र समुद्र में होने के कारण किसी भी बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है।
ओडिशा राजस्व विभाग के अधिकारियों ने कहा कि भूकंप का असर पुरी, पारादीप, बरहामपुर और अन्य इलाकों में महसूस किया गया, लेकिन कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
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कोलकाता में भी महसूस किए गए झटके
भूकंप का असर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता तक भी देखने को मिला। कई लोगों ने हल्के झटके महसूस किए, लेकिन किसी भी तरह की क्षति की सूचना नहीं है।
हाल ही में आए अन्य भूकंप
1. हिमाचल प्रदेश (मंडी) – 25 फरवरी
- तीव्रता: 3.7
- समय: सुबह 8:42 बजे
- केंद्र: सुंदरनगर क्षेत्र के पास, 7 किलोमीटर की गहराई
- क्षति: कोई नुकसान नहीं
हिमाचल प्रदेश का मंडी जिला भूकंपीय क्षेत्र-5 में आता है, जो भारत का उच्च जोखिम वाला क्षेत्र माना जाता है।
2. दिल्ली-एनसीआर – 17 फरवरी
- तीव्रता: 4.6
- केंद्र: धौला कुआं (झील पार्क क्षेत्र), 5 किलोमीटर की गहराई
- दिल्ली का भूकंपीय जोन: ज़ोन-4 (खतरे वाला क्षेत्र)
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में अक्सर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। 2007 में भी धौला कुआं क्षेत्र में 4.6 तीव्रता का भूकंप आया था।
भूकंप क्यों आता है?
भूकंप तब आता है जब पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेट्स में हलचल होती है। भारत का उत्तर और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र भूकंप संभावित क्षेत्रों में आता है, जिससे यहां बार-बार झटके महसूस किए जाते हैं।
क्या करें जब भूकंप आए?
खुले मैदान में जाएं
टेबल या मजबूत फर्नीचर के नीचे छुपें
लिफ्ट का इस्तेमाल न करें
बिजली के तारों और इमारतों से दूर रहें