Herbal Tea For Heart : पिछले कुछ सालों में हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं। देश-दुनिया में इसको लेकर अध्ययन चल रहे हैं। एक्सरसाइज और जिम जाने वाले लोग भी इसके शिकार होते देखे गए हैं। पहले बड़ी उम्र के लोग ही दिल की बीमारियों से पीड़ित होते थे, लेकिन अब कम उम्र के लोग भी इसके शिकार हो रहे हैं। खराब लाइफस्टाइल की वजह से हाई कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या पैदा हो रही है जिससे हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ रहा है।
ऐसे में समय-समय पर अपने दिल की जांच करवाते रहें और साथ ही कुछ आयुर्वेदिक और देसी चीजों का सेवन करें जिससे दिल मजबूत होगा और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होगा। दिल को स्वस्थ बनाने के लिए सुबह उठकर अर्जुन की छाल से बनी इस देसी चाय को पीना शुरू कर दें। इससे दिल की बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है। आइए जानते हैं अर्जुन की छाल के फायदे:
हृदय के लिए अर्जुन की छाल के फायदे
योग गुरु स्वामी रामदेव के अनुसार अर्जुन की छाल हृदय के लिए रामबाण औषधि का काम करती है। अर्जुन की छाल का इस्तेमाल करने से न केवल हृदय मजबूत होता है बल्कि कई अन्य लाभ भी मिलते हैं। अर्जुन की छाल कोलेस्ट्रॉल को कम करती है, यह उच्च रक्तचाप को सामान्य रखती है और हृदय की पंपिंग पावर को भी बढ़ाती है।
योग गुरु कहते हैं कि अर्जुन की छाल में कई पोषक तत्व और फाइटोकेमिकल्स होते हैं जो इसे सबसे प्रभावी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों में से एक बनाते हैं। अर्जुन की छाल में फ्लेवोनोइड्स, टैनिन, ट्राइटरपेनोइड्स और सैपोनिन जैसे फाइटोकेमिकल्स पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें अर्जुनोलिक एसिड, गैलिक एसिड, एलाजिक एसिड जैसे कई आवश्यक यौगिक भी पाए जाते हैं।
अर्जुन छाल के अन्य लाभ
अर्जुन की छाल किसी औषधि से कम नहीं है। इसका उपयोग न केवल हृदय को स्वस्थ और मजबूत बनाने के लिए किया जाता है बल्कि यह रक्तचाप को सामान्य करने में भी मदद करता है। अर्जुन की छाल रूखी त्वचा, कफ और खांसी में भी राहत पहुंचाती है। इसके लिए अर्जुन की छाल के एक टुकड़े को पानी में उबालें। इस पानी को छानकर छाल को फेंक दें। अब इस पानी को पी लें।
अर्जुन की छाल का चूर्ण भी मिलता है। इसे अदरक और तुलसी के साथ पानी में उबालें। इस पानी को सुबह खाली पेट पिएं। आप चाहें तो सुबह अर्जुन की छाल की चाय बनाकर भी पी सकते हैं। इसमें मुलेठी और स्टीविया डालकर इसे स्वादिष्ट बना सकते हैं। इसके अलावा अर्जुन की छाल के चूर्ण को शहद में मिलाकर खाएं। आयुर्वेद में अर्जुन की छाल की गोलियां भी मिलती हैं