राजस्थान में कुदरत का दोहरा वार ,हाड़ कंपाने वाली ठंड के साथ कोहरे और प्रदूषण का पहरा
News India Live, Digital Desk: अगर आप राजस्थान में हैं, तो आज सुबह जब आपकी नींद खुली होगी, तो बाहर का नज़ारा देखकर शायद एक पल के लिए यकीन ही न हुआ हो। खिड़की के बाहर न पेड़ दिख रहे थे, न सड़कें, बस चारों तरफ 'सफेद धुंध' का पहरा था। मरुधरा के नाम से मशहूर राजस्थान इन दिनों एक अलग ही मिजाज़ में है। यहाँ कड़ाके की ठंड (Sheet-lehar) ने लोगों को रजाई से बाहर निकलने तक के लिए सोचने पर मजबूर कर दिया है।
हवाई सफर बना 'इंतज़ार का सफर'
सबसे ज़्यादा असर जयपुर एयरपोर्ट पर दिख रहा है। सुबह-सुबह दूर-दराज जाने वाले मुसाफिरों के लिए आज का दिन काफी परेशानी भरा रहा। घने कोहरे (Dense Fog) की वजह से विज़िबिलिटी इतनी कम थी कि कई फ्लाइट्स को कैंसिल करना पड़ा, तो कई की उड़ानें घंटों लेट हो गईं। एयरपोर्ट पर अपनों का इंतज़ार कर रहे लोगों और सफर पर निकलने वालों के चेहरे पर मायूसी और थकान साफ देखी जा सकती थी। सच तो यह है कि जब 50 मीटर की दूरी भी साफ़ न दिखे, तो उड़ान भरना जोखिम भरा हो जाता है।
ठंड ही नहीं, 'स्मॉग' ने भी बढ़ाई चिंता
इस बार राजस्थान सिर्फ ठंड की मार नहीं झेल रहा, बल्कि वायु प्रदूषण (Air Pollution) भी एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। धुंध के साथ मिलकर प्रदूषण के कणों ने एक जहरीला 'स्मॉग' बना लिया है। सुबह की ताज़ी हवा लेने निकले बुजुर्गों और बच्चों को सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है। वातावरण में एक अजीब सी भारीपन है, जिससे आंखों में जलन और गले में खराश की शिकायतें आम हो गई हैं।
सड़क पर ज़रा संभल कर चलें
अगर आप गाड़ी चला रहे हैं, तो बहुत सावधानी की ज़रूरत है। जयपुर-अजमेर हाईवे हो या बीकानेर की सड़कें, ज़ीरो विज़िबिलिटी (Zero Visibility) की वजह से कई जगहों पर छोटे-मोटे हादसों की खबरें आ रही हैं। कोहरे की घनी चादर ने सामने से आ रही गाड़ियों का पता लगाना भी मुश्किल कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए राजस्थान में शीतलहर और घने कोहरे का 'ऑरेंज अलर्ट' भी जारी किया है।
बचाव ही रास्ता है...
डॉक्टर्स का कहना है कि जब तक ज़रूरी न हो, तड़के सुबह घर से बाहर न निकलें। कड़ाके की ठंड सिर्फ हड्डियों में नहीं चुभ रही, बल्कि यह हृदय और दमा के मरीजों के लिए भी जोखिम भरी है। साथ ही, प्रदूषण से बचने के लिए मास्क का इस्तेमाल फिर से करना शुरू कर दें।
कुल मिलाकर, राजस्थान में जनवरी की यह सर्दी अपना असली रंग दिखा रही है। उम्मीद यही है कि जल्द ही धूप निकले और लोगों को इस ठिठुरन और धुंध से थोड़ी राहत मिले। फिलहाल तो अलाव और चाय ही सबका एकमात्र सहारा है।