NIOS की डिग्री को न समझें कमजोर, एडमिशन से मना करने वाले कॉलेजों को AICTE की आखिरी चेतावनी
News India Live, Digital Desk : आपने ओपन स्कूल से 12वीं की है, हम आपको एडमिशन नहीं दे सकते।" - यह एक ऐसी लाइन है जो नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) से पढ़ाई करने वाले हजारों छात्रों का सपना और हौसला तोड़ देती है। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। कॉलेजों की इस मनमानी पर अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने कड़ा रुख अपनाया है और सभी संस्थानों को एक सख्त चेतावनी जारी की है।
AICTE ने साफ कर दिया है कि NIOS से पास हुए छात्रों को एडमिशन देने से इनकार नहीं किया जा सकता। यह कदम उन शिकायतों के बाद उठाया गया है, जिनमें बताया गया था कि कई AICTE-अप्रूव्ड कॉलेज और यूनिवर्सिटीज, सभी जरूरी योग्यताएं पूरी करने के बावजूद, सिर्फ इसलिए छात्रों को एडमिशन नहीं दे रहे थे क्योंकि उनकी डिग्री NIOS की थी
क्या है NIOS और क्यों इसे कम आंका जाता है?
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत काम करने वाली एक स्वायत्त संस्था है। यह बिल्कुल CBSE, ICSE और दूसरे राज्यों के बोर्ड की तरह ही एक मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्ड है। इसका मकसद उन छात्रों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है जो किसी कारण से रेगुलर स्कूल नहीं जा पाते।
इसके बावजूद, कई कॉलेज और संस्थान NIOS के छात्रों को रेगुलर बोर्ड के छात्रों के बराबर नहीं मानते और उन्हें एडमिशन देने में आनाकानी करते हैं, जो पूरी तरह से गलत और नियमों के खिलाफ है।
AICTE ने अपनी चेतावनी में क्या कहा?
AICTE ने अपने आधिकारिक बयान में बहुत ही कड़े शब्दों में कहा है:
- NIOS भी बराबर है: NIOS को CBSE, CISCE और अन्य स्टेट बोर्ड्स के बराबर ही मान्यता प्राप्त है।
- एडमिशन से इनकार गैर-कानूनी: NIOS के सर्टिफिकेट सभी यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग कॉलेज और प्रोफेशनल कोर्स में एडमिशन के लिए पूरी तरह से वैध हैं।किसी भी योग्य छात्र को सिर्फ इस आधार पर एडमिशन से मना करना नियमों का उल्लंघन है।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लंघन: कॉलेजों का यह रवैया राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के सिद्धांतों के भी खिलाफ है, जो सभी के लिए शिक्षा में समानता और लचीलेपन की बात करती है।
- छात्रों के अधिकारों का हनन: ऐसा करना छात्रों के उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अधिकार को सीधे तौर पर प्रभावित करता है।
AICTE ने सभी मान्यता प्राप्त संस्थानों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि NIOS से पास हुए छात्रों को दूसरे बोर्ड के छात्रों की तरह ही एडमिशन में समान अवसर दिए जाएं।
यह फैसला NIOS से पढ़ाई कर रहे लाखों छात्रों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है। अब वे बिना किसी भेदभाव के डर के, अपनी मेहनत के दम पर देश के अच्छे कॉलेजों में एडमिशन लेने का सपना पूरा कर सकते हैं।