क्या आप जानते हैं यूपी के किस हिस्से में मिलती है लाल रंग की मिट्टी?
उत्तर प्रदेश अपनी विविधताओं के लिए जाना जाता है - चाहे वो बोली हो, संस्कृति हो या फिर यहां की जमीन। पर क्या आपने कभी सोचा है कि जिस यूपी की धरती ज्यादातर गंगा-यमुना के दोआब की उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी के लिए मशहूर है, वहां लाल रंग की मिट्टी भी पाई जाती है?
यह सवाल अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में भी पूछ लिया जाता है और बहुत से लोगों को इसका जवाब नहीं पता होता। तो चलिए, आज आपकी इस दुविधा को दूर करते हैं।
यहां मिलती है 'लाल मिट्टी'
उत्तर प्रदेश में लाल मिट्टी मुख्य रूप से दक्षिणी पठारी इलाकों में पाई जाती है। अगर हम जिलों की बात करें, तो यह मिट्टी खास तौर पर मिर्जापुर, झांसी और सोनभद्र जैसे जिलों में देखने को मिलती है। यह इलाका बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र का हिस्सा है, जहां की भौगोलिक संरचना बाकी प्रदेश से बिल्कुल अलग है।
आखिर इस मिट्टी का रंग लाल क्यों होता है?
इस मिट्टी का रंग लाल होने के पीछे एक वैज्ञानिक कारण है। दरअसल, इन चट्टानों में आयरन ऑक्साइड (Iron Oxide) की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। जब पुरानी चट्टानें टूटकर मिट्टी में बदलती हैं, तो यह आयरन ऑक्साइड भी मिट्टी में मिल जाता है, जो इसे इसका खास लाल रंग देता है।
यह मिट्टी बहुत ज्यादा उपजाऊ तो नहीं होती, लेकिन सिंचाई की सही व्यवस्था करके इसमें भी अच्छी खेती की जा सकती है। आमतौर पर इस मिट्टी में चना, गेहूं, दालें और दूसरी मोटी अनाज वाली फसलें उगाई जाती हैं।
तो अगली बार जब कोई आपसे पूछे कि यूपी में लाल मिट्टी कहां है, तो आप confidently इन जिलों का नाम बता सकते हैं।