जोड़ों में दर्द को 'मामूली' समझने की गलती न करें, हो सकते हैं गठिया के शुरुआती संकेत
अक्सर जब हमारे जोड़ों में दर्द होता है, तो हम उसे मौसम का बदलाव, बढ़ती उम्र या दिनभर की थकान कहकर टाल देते हैं। हमें लगता है कि थोड़ा आराम करने या बाम लगाने से सब ठीक हो जाएगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह 'मामूली' सा दिखने वाला दर्द असल में गठिया (Arthritis) जैसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है?
गठिया सिर्फ बुढ़ापे की बीमारी नहीं है, यह किसी भी उम्र में हो सकती है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें जोड़ों में सूजन और दर्द रहने लगता है, और अगर समय पर इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह जोड़ों को स्थायी रूप से खराब भी कर सकती है। इसलिए जरूरी है कि आप अपने शरीर के इन शुरुआती संकेतों को पहचानें और उन्हें गंभीरता से लें।
ये हैं गठिया के 5 शुरुआती संकेत, जिन्हें अनदेखा न करें:
1. जोड़ों में लगातार बना रहने वाला दर्द
चोट या थकान का दर्द कुछ समय बाद चला जाता है। लेकिन गठिया का दर्द लगातार बना रहता है, या बार-बार लौटकर आता है। यह दर्द अक्सर आराम करते समय या सुबह के वक्त ज्यादा महसूस होता है। यह दर्द घुटनों, उंगलियों, कलाई या कंधों में कहीं भी हो सकता है।
2. सुबह के समय शरीर में जकड़न
क्या सुबह सोकर उठने के बाद आपका शरीर, खासकर जोड़, अकड़ जाते हैं? क्या आपको उठने के बाद 'नॉर्मल' महसूस करने में आधा घंटा या उससे ज्यादा समय लगता है? अगर हां, तो यह गठिया का एक बहुत बड़ा और शुरुआती संकेत है। जोड़ों में सूजन के कारण रात भर में वे जाम हो जाते हैं।
3. जोड़ों के आसपास सूजन, लालिमा या गर्माहट
अगर आपके किसी जोड़ के आसपास सूजन है, छूने पर गर्म महसूस होता है या वह लाल दिखता है, तो यह खतरे की घंटी है। यह शरीर का संकेत है कि जोड़ों के अंदर कुछ ठीक नहीं है और वहां सूजन बढ़ रही है।
4. जोड़ों को हिलाने-डुलाने में दिक्कत
क्या आपको घुटना मोड़ने, मुट्ठी बंद करने, या कंधे को पूरी तरह घुमाने में परेशानी हो रही है? अगर आपके जोड़ों की गति (Range of Motion) पहले से कम हो गई है, तो यह इस बात का संकेत है कि गठिया आपके जोड़ों पर असर डाल रहा है।
5. जोड़ों से 'कट-कट' की आवाज आना
वैसे तो कभी-कभी जोड़ों से आवाज आना सामान्य है, लेकिन अगर दर्द के साथ लगातार कट-कट या चटकने की आवाज आ रही है, तो यह कार्टिलेज (जोड़ों के बीच की गद्दी) के घिसने का संकेत हो सकता है, जो ऑस्टियोआर्थराइटिस का एक मुख्य लक्षण है।
क्या करें?
अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो रहा है, तो इसे 'मामूली बात' समझकर अनदेखा न करें। सबसे पहला और जरूरी कदम है कि आप किसी अच्छे ऑर्थोपेडिक डॉक्टर या रुमेटोलॉजिस्ट से सलाह लें। सही समय पर सही इलाज शुरू करने से इस बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है और आप एक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जी सकते हैं।