पति-पत्नी का रिश्ता: हर रिश्ते में सामंजस्य बनाए रखना आसान नहीं होता, खासकर तब जब परिवार और जीवनसाथी के बीच तनाव पैदा हो जाए। भारतीय परिवार में अक्सर देखा जाता है कि परिवार के बाकी लोगों की राय और दखलअंदाजी पति-पत्नी के रिश्ते में असर डालती है। अगर आपके परिवार के सदस्य आपकी पत्नी के खिलाफ भड़काते हैं, तो इस स्थिति को संभालना मुश्किल हो सकता है, लेकिन सही रवैये और समझदारी से आप इस समस्या को आसानी से सुलझा सकते हैं।
1. सुनो , लेकिन सुनो
परिवार के सदस्यों के साथ निष्पक्षता से पेश आएं, लेकिन बिना किसी पक्षपात के। कभी-कभी ये बातें आपके भले के लिए होती हैं, लेकिन यह भी सुनिश्चित करें कि उनका रवैया एकतरफा न हो।
ऐसी स्थिति में आपकी पत्नी को भी यह महसूस होना चाहिए कि आप उसके साथ हैं। उससे शांति और समझदारी से बात करें। उसकी भावनाओं को समझें और उसे यह स्पष्ट करें कि आप दोनों मिलकर समस्या का समाधान करेंगे।
3. मधुरता से सीमाएँ निर्धारित करें :
अपने परिवार के सदस्यों से बात करते समय उन्हें यह स्पष्ट कर दें कि आपकी पत्नी के साथ आपका रिश्ता आपके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनसे अनुरोध करें कि वे इस रिश्ते में हस्तक्षेप न करें और अपनी बातें सीमित रखें।
4. जाओ
समस्या की जड़ तक अक्सर परिवार के सदस्यों का विरोध किसी पुरानी गलतफहमी या जनरेशन गैप की वजह से पैदा होता है। समस्या की जड़ तक जाकर उसे सुलझाने की कोशिश करें। हो सके तो परिवार के बाकी लोगों और पत्नी को साथ बैठाकर बात करें।
5. संतुलन बनाए रखें:
कभी भी किसी एक पक्ष का पूरा समर्थन न करें। आपकी पत्नी और परिवार दोनों के प्रति जिम्मेदारी है। दोनों पक्षों को यह महसूस होना चाहिए कि आप उनके हितों का ख्याल रखते हैं, हालांकि अंत में सच और सही का साथ देना ही महत्वपूर्ण है।