Data Science Jobs : डॉक्टर-इंजीनियर बनने की रेस ख़त्म? जानिए क्यों इन 3 नए करियर ऑप्शन्स के दीवाने हो रहे हैं भारतीय युवा
News India Live, Digital Desk: Data Science Jobs : एक ज़माना था जब भारत में किसी भी बच्चे से पूछो कि बड़े होकर क्या बनोगे, तो ज़्यादातर के मुँह से दो ही जवाब निकलते थे- डॉक्टर या इंजीनियर। माता-पिता के लिए भी बच्चों को इन दो पेशों में देखना गर्व की बात हुआ करती थी। लेकिन अब हवा का रुख़ बदल रहा है। आज का युवा इन पारंपरिक रास्तों से हटकर नई और रोमांचक मंजिलों की ओर देख रहा है और इन नई मंजिलों के नाम हैं- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर लॉ, और डेटा साइंस।
यह बदलाव अचानक नहीं आया है। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह है टेक्नोलॉजी का हमारी ज़िंदगी में बढ़ता दखल और दुनिया भर में बदलता जॉब मार्केट। आइए समझते हैं कि आख़िर क्यों ये नए क्षेत्र युवाओं को अपनी ओर खींच रहे हैं।
1. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): भविष्य की तकनीक, आज का करियर
आज हम हर तरफ़ AI की बातें सुन रहे हैं। आपके स्मार्टफ़ोन के असिस्टेंट से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग के सुझावों तक, हर जगह AI काम कर रहा है। युवाओं को यह बात समझ आ गई है कि आने वाला ज़माना AI का है। हेल्थकेयर, फाइनेंस, ऑटोमोबाइल से लेकर मनोरंजन तक, कोई भी इंडस्ट्री AI के प्रभाव से अछूती नहीं रहेगी। यही वजह है कि AI स्पेशलिस्ट, मशीन लर्निंग इंजीनियर और AI रिसर्च साइंटिस्ट जैसे प्रोफेशनल्स की मांग आसमान छू रही है। इनमें न सिर्फ़ शानदार सैलरी पैकेज मिल रहा है, बल्कि कुछ नया बनाने और दुनिया को बदलने का मौका भी है, जो आज की पीढ़ी को सबसे ज़्यादा आकर्षित करता है।
2. डेटा साइंस: आंकड़ों के खेल में छिपा है सुनहरा भविष्य
हर रोज़ दुनिया में खरबों का डेटा जेनरेट हो रहा है। कौन क्या खरीद रहा है, किसे क्या पसंद है, कहाँ क्या ट्रेंड चल रहा है - यह सब डेटा है। लेकिन सिर्फ़ डेटा इकट्ठा करना काफ़ी नहीं है, इस डेटा से काम की जानकारी निकालने वाले की ज़रूरत होती है, और यहीं एक डेटा साइंटिस्ट की भूमिका शुरू होती है। ये वो पेशेवर हैं जो आंकड़ों के समंदर से मोती निकालने का काम करते हैं। कंपनियाँ इन्हीं की मदद से अपने ग्राहकों को बेहतर ढंग से समझती हैं और बड़े-बड़े बिज़नेस फ़ैसले लेती हैं। आज डेटा को 'नया तेल' कहा जा रहा है, और डेटा साइंटिस्ट वो जादूगर हैं जो इस तेल को निकालना जानते हैं।
3. साइबर लॉ: डिजिटल दुनिया के रक्षक
जैसे-जैसे हम ऑनलाइन होते जा रहे हैं, वैसे-वैसे साइबर क्राइम और ऑनलाइन फ्रॉड का ख़तरा भी बढ़ रहा है। अब लड़ाई सिर्फ़ ज़मीन पर नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी लड़ी जा रही है। ऐसे में हमें ऐसे वकीलों और विशेषज्ञों की ज़रूरत है जो डिजिटल क़ानून को समझें और हमें साइबर अपराधों से बचाएं। साइबर लॉ एक ऐसा ही क्षेत्र है। साइबर लॉयर्स कंपनियों को डेटा चोरी से बचाने, ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों को सुलझाने और इंटरनेट से जुड़े क़ानूनी नियमों को बनाने में मदद करते हैं। यह एक ऐसा करियर है जिसमें चुनौती भी है और समाज की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी भी।
क्यों फीका पड़ रहा है पारंपरिक करियर का चार्म?
इंजीनियरिंग और मेडिकल आज भी सम्मानित पेशे हैं, लेकिन अब इन क्षेत्रों में बहुत ज़्यादा भीड़ हो गई है। सीमित सीटें, गलाकाट कॉम्पिटिशन और सालों की कड़ी मेहनत के बाद भी कई बार मनचाही सफलता नहीं मिल पाती। इसके विपरीत, AI, डेटा साइंस और साइबर लॉ जैसे नए क्षेत्रों में अभी मौके ज़्यादा और प्रतिस्पर्धा कम है।
संक्षेप में, भारत का युवा अब सिर्फ़ सुरक्षित नहीं, बल्कि एक रोमांचक और भविष्योन्मुखी करियर चाहता है। वे सिर्फ़ नौकरी नहीं करना चाहते, बल्कि कुछ ऐसा करना चाहते हैं जो आने वाले कल को एक नई दिशा दे सके, और ये नए क्षेत्र उन्हें ठीक यही मौका दे रहे हैं।