CRPF Operation : झारखंड में नक्सलियों पर कहर बनकर टूटी पुलिस, 10 लाख का इनामी टॉप कमांडर शशिकांत समेत कई ढेर

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News India Live, Digital Desk:  झारखंड पुलिस और CRPF ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। लातेहार और चतरा जिले के सीमावर्ती जंगलों में हुई भीषण मुठभेड़ में 10 लाख का इनामी और TSPC (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) का स्वयंभू सुप्रीमो शशिकांत गंझू समेत कई बड़े नक्सली मारे गए हैं। सुरक्षाबलों ने मौके से कई नक्सलियों के शव और भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार बरामद किए हैं। इस ऑपरेशन को झारखंड में नक्सलवाद की कमर तोड़ने वाली एक बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है।

200 से ज्यादा जवानों ने घेरा, दिया सबसे बड़ा झटका

सुरक्षाबलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि TSPC का सबसे बड़ा कमांडर शशिकांत गंझू अपने दस्ते के साथ लातेहार और चतरा के सीमावर्ती जंगल में कैंप कर रहा है।[ इस सूचना के आधार पर कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस के 200 से अधिक जवानों की संयुक्त टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

रविवार सुबह जब जवान जंगल में आगे बढ़ रहे थे, तभी नक्सलियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से घंटों तक चली भीषण गोलीबारी में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। मुठभेड़ खत्म होने के बाद जब इलाके की तलाशी ली गई, तो वहां से शशिकांत और उसके सबसे भरोसेमंद जोनल कमांडर मुखदेव यादव समेत कई नक्सलियों के शव बरामद हुए।

कौन था 10 लाख का इनामी शशिकांत गंझू?

शशिकांत गंझू झारखंड में आतंक का बड़ा चेहरा था। वह TSPC नक्सली संगठन का सुप्रीमो था और उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था।वह पलामू, चतरा और लातेहार के इलाकों में सक्रिय था और 50 से अधिक नक्सली हमलों का मुख्य आरोपी था। हाल ही में 3 सितंबर को पलामू में हुई मुठभेड़, जिसमें पुलिस के दो जवान शहीद हो गए थे, उस हमले में भी शशिकांत और मुखदेव यादव का हाथ था। मुखदेव यादव पर भी 5 लाख का इनाम था और वह शशिकांत का सबसे करीबी माना जाता था

भारी मात्रा में हथियार बरामद

सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से इंसास राइफल समेत कई अत्याधुनिक हथियार और भारी मात्रा में गोलियां बरामद की हैं। पुलिस का मानना है कि इस ऑपरेशन से TSPC संगठन लगभग पूरी तरह से खत्म हो गया है और यह राज्य में नक्सली गतिविधियों को खत्म करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है। फिलहाल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।

यह सफलता उन जवानों के लिए एक बड़ी श्रद्धांजलि है, जिन्होंने नक्सलवाद से लड़ते हुए अपनी जान गंवाई है। इस ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सुरक्षाबल राज्य से नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।