शमी की वापसी का काउंटडाउन शुरू न्यूज़ीलैंड वनडे सीरीज के लिए तैयार हो रहा है स्विंग का सुल्तान
News India Live, Digital Desk : आज साल 2025 का आखिरी दिन है और जैसे ही हम नए साल 2026 की ओर कदम बढ़ा रहे हैं, भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक सुखद खबर निकलकर सामने आ रही है। चोट (Injury) और लंबे रिकवरी पीरियड के कारण जो शमी पिछले कुछ समय से मैदान से दूर थे, अब वे न्यूज़ीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज (India vs New Zealand ODI) के लिए मैदान पर उतरने को बेताब हैं।
अनुभव की कमी खली थी टीम को!
चाहे कोई भी फॉर्मेट हो, मोहम्मद शमी का हाथ से गिरता वो सीम और टप्पे के बाद उनकी रफ्तार, विपक्षी बल्लेबाजों के मन में खौफ पैदा करने के लिए काफी है। पिछले कुछ दौरों और सीरीज में टीम इंडिया ने शमी के उस अनुभव को जरूर मिस किया। रिपोर्टों की मानें तो टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ता शमी की फिटनेस से अब संतुष्ट नजर आ रहे हैं और उन्हें सीधा न्यूज़ीलैंड जैसी बड़ी टीम के खिलाफ वनडे सीरीज में परखने की तैयारी की जा रही है।
फिटनेस टेस्ट और नेट्स में बहाया पसीना
खबरों की मानें तो शमी ने नेशनल क्रिकेट अकादमी (NCA) में अपनी फिटनेस पर काफी मेहनत की है। नेट्स में गेंदबाजी करते समय उनकी रफ्तार और लेंथ पुरानी वाली लय में लौटती दिखी है। टीम इंडिया के पास फिलहाल कई युवा तेज गेंदबाज हैं, लेकिन 2026 के लक्ष्यों को देखते हुए शमी जैसा मंझा हुआ खिलाड़ी टीम की जान है।
न्यूज़ीलैंड की पिचों पर क्यों जरूरी हैं शमी?
न्यूज़ीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में स्विंग गेंदबाजों का रोल सबसे ज्यादा होता है। न्यूज़ीलैंड की हवाओं में गेंद को हवा में नचाने की जो कला शमी के पास है, वो टीम को शुरुआती ब्रेकथ्रू दिलाने में बहुत मदद करती है। अगर शमी वापस आते हैं, तो जसप्रीत बुमराह और सिराज के साथ मिलकर टीम इंडिया का गेंदबाजी आक्रमण दुनिया में सबसे घातक हो जाएगा।
फैंस की दुआएं और नई शुरुआत
साल 2024 और 2025 शमी के लिए शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहे, लेकिन 31 दिसंबर की ये रिपोर्ट फैंस के लिए मुस्कान लेकर आई है। हम सब ने देखा है कि जब-जब शमी ने वापसी की है, उन्होंने अपनी पुरानी धमक दिखाई है। उम्मीद यही है कि साल 2026 की शुरुआत न्यूज़ीलैंड के विकेटों के साथ होगी।