Corrupt Engineer Bihar : जब छापा पड़ा तो इंजीनियर साहब जलाने लगे नोट, पानी की टंकी और नाली से निकली अकूत दौलत

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News India Live, Digital Desk: बिहार में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसकी एक और चौंकाने वाली तस्वीर तब सामने आई जब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने ग्रामीण कार्य विभाग के एक इंजीनियर विनोद कुमार राय के ठिकानों पर छापा मारा। आय से अधिक संपत्ति के इस मामले में जब अधिकारी पटना और समस्तीपुर में उनके घर पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर उनकी भी आंखें फटी रह गईं।

छापे की भनक लगते ही जलाने लगे नोट

कहानी किसी फिल्म की तरह लगती है। जैसे ही इंजीनियर विनोद राय और उनके परिवार को EOU के छापे की भनक लगी, उन्होंने सबूत मिटाने की हर मुमकिन कोशिश की।खबरों के मुताबिक, इंजीनियर और उनकी पत्नी ने घर में रखे करोड़ों रुपये के नोटों में आग लगा दी। उन्होंने सोचा कि सब कुछ जलकर राख हो जाएगा और वो बच निकलेंगे, लेकिन हुआ इसका उल्टा। नोटों की अधजली गड्डियों को नाली में बहा दिया गया, जिससे नाली जाम हो गई और सारा राज़ खुल गया।

जहां जगह मिली, वहां छिपाया काला धन

छापेमारी के दौरान EOU की टीम को घर के कोने-कोने से पैसा मिला। पानी की टंकी में प्लास्टिक में भरकर नोटों की गड्डियां छिपाई गई थीं।रसोई और बाथरूम के पाइप लाइन तक से कैश बरामद हुआ। एक अनुमान के मुताबिक, इंजीनियर ने लगभग 100 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा की अवैध संपत्ति जमा कर रखी है। शुरुआती छापेमारी में ही टीम को भारी मात्रा में कैश, जले हुए नोट, सोने के बिस्किट, कई किलो गहने, दर्जनों जमीन के कागजात, बीमा पॉलिसी और महंगी लग्जरी गाड़ियां मिली हैं

पटना से लेकर समस्तीपुर तक कार्रवाई

यह कार्रवाई पटना के भूतनाथ रोड स्थित आलीशान मकान से लेकर समस्तीपुर के पैतृक घर तक एक साथ की गई। अधिकारियों को इंजीनियर के 12 से ज़्यादा बैंक खातों की भी जानकारी मिली है।] यह मामला दिखाता है कि कैसे सरकारी पदों पर बैठे कुछ भ्रष्ट अधिकारी आम जनता के पैसे से अपनी तिजोरियां भर रहे हैं। फिलहाल, EOU ने इंजीनियर विनोद राय को गिरफ्तार कर लिया है और उनकी पत्नी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।जांच अभी जारी है और उम्मीद है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

यह घटना बिहार में चल रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान का एक बड़ा हिस्सा है।  अब देखना यह होगा कि इस 'धनकुबेर' इंजीनियर के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और कानून उन पर क्या कार्रवाई करता है।