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March 24 2026 12:45 pm

तेजस्वी के प्रण पत्र पर कांग्रेस का दावा, भूपेश बघेल बोले- यह सिर्फ RJD का नहीं, पूरे महागठबंधन का है

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News India Live, Digital Desk : बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 की बिसात अभी से बिछने लगी है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव अपने 'प्रण पत्र' के जरिए लगातार जनता से बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं और अकेले ही चुनावी माहौल बनाने में जुटे हैं. लेकिन अब इस कहानी में एक नया मोड़ आ गया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार प्रभारी भूपेश बघेल ने सामने आकर यह साफ़ कर दिया है कि तेजस्वी यादव का 'प्रण पत्र' अकेले आरजेडी का नहीं, बल्कि पूरे 'महागठबंधन' का साझा संकल्प है.

अकेले तेजस्वी लूट रहे थे वाहवाही?

पिछले कुछ समय से तेजस्वी यादव बेहद आक्रामक तरीके से प्रचार कर रहे हैं. नौकरी और विकास से जुड़े उनके वादों को जनता का अच्छा समर्थन भी मिल रहा है. इससे एक ऐसी छवि बन रही थी कि बिहार में विपक्ष का चेहरा सिर्फ और सिर्फ तेजस्वी यादव हैं और RJD ही इस लड़ाई को अकेले लड़ रही है. शायद यही बात महागठबंधन में शामिल कांग्रेस और वामपंथी दलों को थोड़ी असहज कर रही थी.

भूपेश बघेल ने क्यों दिया यह बड़ा बयान?

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने इस धारणा को तोड़ने के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण बयान दिया. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने जो 'प्रण पत्र' जारी किया है, वह सिर्फ आरजेडी का घोषणापत्र नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया, "यह प्रण पत्र केवल राजद का नहीं है. यह पूरे महागठबंधन का प्रण पत्र है, जिसमें कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियां भी शामिल हैं."

इस बयान के क्या हैं राजनीतिक मायने?

भूपेश बघेल का यह बयान सुनने में भले ही सामान्य लगे, लेकिन इसके गहरे राजनीतिक मतलब हैं:

  1. एकजुटता का संदेश: कांग्रेस यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि महागठबंधन पूरी तरह से एकजुट है. तेजस्वी जो भी वादे कर रहे हैं, उस पर कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों की भी सहमति है.
  2. क्रेडिट में हिस्सेदारी: कांग्रेस यह भी साफ़ कर देना चाहती है कि अगर चुनाव में जीत मिलती है, तो उसका श्रेय सिर्फ आरजेडी या तेजस्वी को नहीं, बल्कि पूरे गठबंधन को मिलना चाहिए. वादों के क्रेडिट में कांग्रेस भी बराबर की भागीदार है.
  3. अपनी अहमियत जताना: इस बयान के जरिए कांग्रेस ने गठबंधन में अपनी अहमियत भी जताई है. वह यह बताने की कोशिश कर रही है कि आरजेडी अपने दम पर कोई फैसला नहीं ले रही है, बल्कि सब कुछ मिलकर तय हो रहा है.
  4. बीजेपी को जवाब: बीजेपी अक्सर यह आरोप लगाती है कि विपक्ष में एकता नहीं है. यह बयान उस आरोप का जवाब देने की भी एक कोशिश है, ताकि जनता के बीच एक संयुक्त विपक्ष की तस्वीर पेश की जा सके.

साफ़ है कि बिहार चुनाव से पहले ही महागठबंधन के भीतर श्रेय लेने और अपनी राजनीतिक जमीन मज़बूत करने की कवायद शुरू हो गई है. भूपेश बघेल का यह बयान इसी रणनीति का एक हिस्सा है, ताकि चुनाव में आरजेडी के साथ-साथ कांग्रेस का भी पलड़ा भारी रहे.